मुंबई. पांचवें चरण के मतदान के बाद अलग-अलग एजेंसियों द्वारा कराए गए एग्जिट पोल्स में कांग्रेस नीत गठबंधन को भाजपा व सहयोगियों से आगे दिखाया गया है। हालांकि, यह बात स्पष्ट है कि दोनों ही दलों को लोकसभा में पूर्ण बहुमत मिलना मुश्किल है और सरकार बनाने के लिए इन्हें साथी दलों की दरकार रहेगी। जानकारों का कहना है कि जब तक राजनीतिक परिदृश्य साफ नहीं हो जाता देश के बाजारों में उथल-पुथल जारी रहेगी।
बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी
‘कांग्रेस को पर्याप्त बढ़त मिली होती तो बाजार के लिए अच्छा रहता। लेकिन, उसकी मामूली बढ़त से बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी तथा स्थितियां और मुश्किल हो जाएंगी।’ - गजेंद्र नागपाल, सीईओ, यूनीकॉन फाइनेंशियल
उतार-चढ़ाव बना रहेगा
‘बाजार उसी तरह काम करेगा जैसा वह फिलहाल कर रहा है। उसमें उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सोमवार तक स्थितियां कुछ हद तक स्पष्ट हो सकती है।’- अजय अरगल, बिरला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट
नतीजे आश्चर्यजनक नहीं
‘एग्जिट पोल्स के नतीजों से बाजार को आश्चर्य नहीं होगा। इससे गुरुवार को बाजार की शुरुआत कुछ कमजोर हो सकती है और अंत तक अस्थिरता कायम रह सकती है।’ - वीके शर्मा, एनाग्राम स्टॉक ब्रोकिंग
एग्जिट पोल में दम नहीं
‘एग्जिट पोल्स अपेक्षित रहे हैं। लेकिन, मैं इनके नतीजों को गिनना नहीं चाहता, क्योंकि अक्सर ये गलत साबित होते हैं। जब तक राजनीतिक हालात स्पष्ट नहीं हो जाते बाजार में उथल-पुथल बनी रहेगी।’ - दीपांकर मित्रा, नोबल ग्रुप
भाजपा लाती मजबूती
‘एग्जिट पोल्स से बाजार को सकारात्मक संकेत मिलेंगे। लेकिन, और अच्छा होता अगर इनमें भाजपा आगे होती।’ - अंब्रीश बालिगा, कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग