नई दिल्ली. चुनाव बाद के परिदृश्य में तीसरे मोर्चे का एक हिस्सा भाजपा के संभावित सहयोगियों के रूप में उभर सकता है। त्रिशंकु लोकसभा की संभावनाओं के मद्देनजर भाजपा भी तीसरे मोर्चे में आई दरार को भुनाने में लगी हुई है। वह मोर्चे के छोटे दलों को अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रही है ताकि उसके प्रभाव वाला एनडीए गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में आ जाए।
आडवाणी के घर बैठक
पार्टी के शीर्ष नेता गुरुवार को अपने प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी लालकृष्ण आडवाणी के घर पर इसी माथापच्ची में लगे रहे। आडवाणी के निवास पर हुई दो दौर की बैठक में वे तीसरे मोर्चे के क्षेत्रीय दलों में पनप रही कांग्रेस विरोधी भावना को भुनाने की रणनीति बनाने में ही व्यस्त रहे। भाजपा नेताओं में उन दलों को साथ लेने पर सहमति बनी जिन्हें उनके ही राज्य में कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है। नेताओं को विश्वास है इस तरीके से कांग्रेस के धर्मनिरपेक्षता के नारे की काट की जा सकती है।
अन्नाद्रमुक, टीडीपी व बीजद पर नजर
बैठक में स्वदेशी जागरण मंच के एस गुरुमूर्ति की उपस्थिति से स्पष्ट था कि भाजपा अन्नाद्रमुक को साथ लाने में जुटी है। कांग्रेस आंध्रप्रदेश में फिल्म स्टार चिरंजीवी की प्रजाराज्यम पार्टी को साथ लाने का प्रयास कर रही है। इसके मद्देनजर भाजपा टीडीपी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू को लुभाने में लगी है। कांग्रेस तीसरे मोर्चे को साथ लेती है तो त्रृणमूल कांग्रेस एनडीए के साथ आ सकती हैं। उड़ीसा विधानसभा चुनावों में बीजद पिछड़ती दिख रही है, भाजपा उसे समर्थन देकर वापस एनडीए में लाने का प्रयास कर सकती है।
भाजपा विश्वसनीय गठबंधन
भाजपा ने टीवी चैनलों के एक्जिट पोल को सिरे से खारिज कर दावा किया है कि लोकसभा चुनावों में एनडीए को ही सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी, वही सबसे विश्वसनीय (चुनाव-पूर्व) गठबंधन के रूप में उभर कर आएगा। पार्टी प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा के अंदरूनी सर्वे से यह बात साफ हो जाती है कि भाजपा ही सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को 166 सीटों पर जीत हासिल होगी और एनडीए के खाते में 218 सीटें आएंगी।
पार्टी का सर्वे
प्रसाद ने कहा कि भाजपा का सर्वे दिखाता है कि कांग्रेस को सिर्फ पंजाब, राजस्थान और केरल में जीत मिलेगी। तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में उसका प्रदर्शन खराब रहेगा। जबकि भाजपा को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, उड़ीसा और कर्नाटक में बढ़त हासिल होगी। उत्तरप्रदेश में भी पार्टी की संभावनाएं अच्छी हैं।
राजनाथ ने लिया वाजपेयी का आशीर्वाद
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। वे आडवाणी के घर पर हुई दूसरे दौर की बैठक के तुरंत बाद वाजपेयी से मिलने पहुंचे। आडवाणी ने मंगलवार को वाजपेयी से बातचीत की थी।
तीसरे मोर्चे में फूट
‘माकपा नेता प्रकाश करात ने यूपीए के प्रति अपना रुझान दर्शा कर अपना असली चेहरा उजागर किया है। ऐसा करके उन्होंने असल चुनौती से पहले ही तीसरे मोर्चे को खंडित कर दिया है।’- रवि शंकर प्रसाद, प्रवक्ता, भाजपा