नई दिल्ली.
आम चुनाव के नतीजे आए नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए नए बंगले की तलाश शुरू हो गई है। इससे कांग्रेस के हलकों बेचैनी है, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि मनमोहन सत्ता में लौटने के प्रति आशंकित हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय में सिंह के बने रहने को लेकर अनिश्चितता इन अटकलों से उपजी है कि कांग्रेस नीत सरकार को समर्थन देने के बदले वाम दल शायद प्रधानमंत्री बदलने पर जोर देंगे। बहरहाल, एसपीजी के एक दल ने प्रधानमंत्री पद छोड़ने की स्थिति में मनमोहन सिंह के लिए चार बंगलों का चुनाव किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक शीर्ष सहायक ने कहा कि बंगले की तलाश को कांग्रेस की आसन्न हार के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
उसने कहा, ‘प्रधानमंत्री का भरोसा हर तरह की स्थिति के लिए तैयार रहने में है। वे अपने आधिकारिक निवास में एक दिन भी अधिक नहीं रहना चाहते, बशर्ते वे फिर से निर्वाचित न हो। हम उनकी इच्छा का आदर करते हैं और वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं ताकि जरूरत होने पर उसका उपयोग हो सके।’
अमेरिकी परंपरा का अनुसरण : मनमोहन सिंह ने अपने कार्यालय को सारे कागजात निपटाने के निर्देश देने के साथ भावी उत्तराधिकारी के लिए शासन का एजेंडा तैयार करने के लिए भी कहा है।
यह अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया का अनुसरण करने की कोशिश है। अमेरिका में निवृत्तमान राष्ट्रपति व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस के टेबल पर भावी राष्ट्रपति के लिए दस्तावेज छोड़ जाता है।
यह होगा दस्तावेज में : मनमोहन की इच्छा के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय एजेंडे को अंतिम रूप देने में लगा है। दस्तावेज में एक कवरिंग नोट होगा, जिसमें विषय-वस्तु की जानकारी होगी। दस्तावेज में विदेशी नीति व सुरक्षा संबंधी मामले, होने जा रहे रक्षा सौदों और यूपीए सरकार के अधूरे कार्यो की जानकारी होगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय में माहौल ऐसा है जैसे सरकार सत्ता छोड़ने की तैयारी कर रही हो। इससे कांग्रेस में अटकलों का दौर शुरू हो गया है, जिसके वॉर-रूम को सत्ता में लौटने की उम्मीद है।