मुंबई.
एक्जिट पोल की भविष्यवाणियां भले ही गलत साबित होती रही हों, शेयर बाजार में तो उसकी प्रतिक्रिया गुरुवार को नजर आ ही गई। बीएसई सेंसेक्स में 146.74 अंकों की गिरावट ने एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितताओं का असर दिखा दिया।
फित्च की भारत की रेटिंग घटाने की चेतावनी ने भी शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ाने में भूमिका अदा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बैंकिंग और आईटी के शेयरों में उतार-चढ़ाव दिखाई देते रहे।
क्या हुआ बाजार में?
बीएसई सेंसेक्स 11,774.04 पर खुलने के बाद 11,935.86 अंकों की ऊंचाई तक चला गया था, लेकिन बाद में 11,872.91 पर बंद हुआ। यह 146.74 अंकों की गिरावट थी, जो 1.22 फीसदी नीचे था। खास बात यह थी कि सेंसेक्स वाली धुरी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दिखाई दे रही थी। तेल और गैस के अलावा टेक्नोलाजी शेयरों में खासी गिरावट थी।
एनएसई निफ्टी 3631.90 पर खुलने के लगातार गिरता गया और 3593.45 अंक पर बंद हुआ। यह करीब 1.15 फीसदी की गिरावट थी।
क्या रहे कारण?
- भारत में एक्जिट पोल के नतीजों में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। तीसरा और चौथा मोर्चा में शामिल दलों का सहारा लिए बिना कोई भी सरकार बनती नजर नहीं आती।
- नई सरकार के गठन के पहले तक शेयर बाजार में अस्थिरता जबर्दस्त दिखाई देती रहेगी।
- गुरुवार को एशियाई शेयरों में जबर्दस्त गिरावट दिखाई दी। इलेक्ट्रानिक और मेटल के उत्पादकों के लिए अभी हालात खराब दिखाई दे रहे हैं।
- बुधवार को अमेरिका के शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहां प्रमुख बैंकों के शेयरों में काफी गिरावट दिखाई दी।
- न्यूयार्क मर्केटाइल में क्रूड आयल की कीमतों के गिरते ही आयल और गैस कंपनियों के शेयरों में कमी आई।
आंकड़ों पर एक नजर-
11,872.91 अंक पर बीएसई सेंसेक्स बंद होने के पहले दिनभर राजनीतिक कारणों से अनिश्चितता रही।
146.74 अंक की गिरावट बीएसई सेंसेक्स में गुरुवार को दिखाई दी। यह करीब 1.22 फीसदी की गिरावट थी।
3593.45 अंक पर एनएसई निफ्टी बंद होने के पहले 3631.90 अंक की ऊंचाई पर खुलने के बाद लगातार गिरा।