नई दिल्ली. लोकसभा चुनावों में बुरी तरह हारने के बाद भाजपा ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आडवाणी विपक्ष के नेता नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि आडवाणी ने चुनाव से पहले ही कहा था कि यदि वे सत्ता में वापस नहीं आ पाते तो विपक्ष के नेता नहीं रहेंगे।
शनिवार को लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद आडवाणी ने कह दिया था कि अब वे राजनीति से सन्यास लेना चाहते हैं लेकिन कई भाजपा नेता आडवाणी को मनाने में लगे थे। रविवार दोपहर संघ नेताओं ने भी आडवाणी से मुलाकात की।
हालांकि अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन चुनाव नतीजे आने के एक दिन बाद बीजेपी के प्रवक्ता बलबीर पुंज ने कहा कि मैं नहीं सोचता हूं कि हम आडवाणी जी को मना सकते हैं, जो एक मजबूत इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अब वह अपना फैसला बदलने वाले नहीं हैं।
आडवाणी के संभावित उत्तराधिकारी के बारे में पुंज ने कहा कि बीजेपी के पास लोकसभा में कई नेता हैं। पार्टी सर्वसम्मति से उनके उत्तराधिकारी के बारे में फैसला करेगी। फिलहाल इस दौड़ में पूर्व पार्टी अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी, वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज शामिल हैं।