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Chandigarh Chandigarh बठिंडा. रामपुरा के भ्रूण हत्या मामले की आरोपी डॉ. लक्ष्मी गर्ग को सोमवार को बठिंडा की सैशन कोर्ट ने दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। इस पर डॉक्टर ने बठिंडा के अदालत परिसर में सल्फास निगल ली। जेल ले जाते समय डॉक्टर की हालत बिगड़ गई, जिसे तुरंत बठिंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पर हालत ज्यादा खराब होने पर उनकी मौत हो गई।
थाना सिविल लाइन पुलिस ने धारा १७४ आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है। गर्ग र्न्िसग होम की मालिक डॉ. लक्ष्मी गर्ग के क्लीनिक पर सेहत विभाग व पीएनडीटी सैल की टीम ने वर्ष 2004 में छापामारी की थी। इस दौरान विभाग ने लिंग जांच करने व भ्रूण हत्या करने का मामला पकड़ा था।
गर्ग पर भ्रूण हत्या का केस दर्ज कर किया गया। तब से अदालत में सुनवाई चल रही थी। कुछ माह पहले रामपुरा के न्यायाधीश संजीव जोशी की अदालत ने गर्ग को भ्रूण हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए ढाई साल की कैद की सजा सुनाई थी।
गर्ग ने तुरंत अदालत से जमानत लेकर उक्त मामले में बठिंडा के सैशन जज कुलदीप सिंह के समक्ष पुनर्विचार के लिए अपील दायर की थी। सुनवाई पर डा. लक्ष्मी गर्ग पति के साथ अदालत में थी। न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने गर्ग की ढाई साल की सजा को एक साल में बदलने का फैसला सुनाया व उन्हंे जेल भेजने का हुकम दिया। इससे परेशान गर्ग ने सल्फास की गोलियां निगल लीं। जेल ले जाते समय उनकी हालत खराब हो गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।