नई दिल्ली. वैश्विक मंदी के चलते भारत में इस साल जनवरी से मार्च के दौरान करीब पांच लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। सबसे ज्यादा नौकरियां परिवहन, धातु और चमड़ा उद्योग क्षेत्र में र्गई। हालांकि रत्न एवं आभूषण, कपड़ा और आटोमोबाइल क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि देखी गई।
सर्वेक्षण में दावा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित श्रम ब्यूरो के एक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस सर्वेक्षण का मकसद मंदी के कारण जनवरी-मार्च की तिमाही में देश पर पड़े प्रभाव का आकलन करना था।
जिन क्षेत्रों में सर्वेक्षण किया गया, उनमें कपड़ा (परिधान सहित), धातु और धातु के उत्पाद, आईटी/बीपीओ, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, आटोमोबाइल, हाथकरघा और परिवहन शामिल हैं।
जहां बढ़े रोजगार निर्यात न करने वाली इकाइयों में रोजगार वृद्धि की दर (0.92 प्रतिशत) निर्यातक इकाइयों (0.28 प्रतिशत) की तुलना में अधिक रही। जिन क्षेत्रों में जनवरी-मार्च के दौरान रोजगार के अवसर बढ़े उनमें रत्न एवं आभूषण (3.08 प्रतिशत), कपड़ा (0.96 प्रतिशत), आईटी/बीपीओ (0.82 प्रतिशत), हेंडलूम (0.28 प्रतिशत) और आटोमोबाइल (0.10 प्रतिशत) हैं।
रोजगार में कमी जिन क्षेत्रों में रोजगार में कमी आई उनमें चमड़ा (2.76 प्रतिशत), धातु (0.56 प्रतिशत) और परिवहन (0.36 प्रतिशत) शामिल हैं।
प्रत्यक्ष श्रमिक जनवरी-मार्च के दौरान प्रत्यक्ष श्रमिकों के रोजगार में 0.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर के दौरान इसमें 0.63 प्रतिशत की कमी देखी गई थी।
यहां हुआ सर्वेक्षण इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश के 21 केंद्रों पर सर्वेक्षण किया गया। हरियाणा (पानीपत, फरीदाबाद और गुड़गांव) ठ्ठ पंजाब (लुधियाना और जालंधर), चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात (अहमदाबाद और सूरत)।