नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मरकडेय काटजू ने पतियों को पत्नी की बात मानकर खुश रहने की सलाह का दायरा और बढ़ा दिया है। उन्होंने शुक्रवार को वकीलों को सलाह दी कि यदि वे खुश रहना चाहते हैं तो उन्हें प्रोफेशनल फीस पत्नी को देनी चाहिए। शीर्ष कोर्ट में अवकाशकालीन बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस काटजू के अनुसार, उनके खुश रहने की वजह प्रोफेशनल फीस पत्नी के हाथ में रखना है। जब वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करते थे तो पूरी फीस पत्नी को देते थे।
वकील नागेंद्र राय ने कोर्ट को बताया कि जब से जस्टिस काटजू की पत्नी की राय मानने की सलाह मीडिया में आई है तब से उनकी पत्नी हर सुबह फरमाइशों की सूची थमा देती है। इस वजह से उन्हें गर्मी की छुट्टियों में भी कोर्ट आना पड़ रहा है। इस पर बेंच के दूसरे जस्टिस दीपक वर्मा ने कहा कि उनका यह मतलब नहीं था कि अव्यावहारिक मांगें मानी जाएं। राय ने पूछा कि यह कौन तय करेगा कि क्या उचित है व क्या अनुचित। तब जस्टिस काटजू ने कहा कि वकीलों को अपनी पेशेवराना कमाई पत्नी को देनी चाहिए व खुश रहना चाहिए।