Manoranjan
Cinema
Interviews Interviews एबीसीएल की फिल्म से अपना अभिनय कॅरियर शुरू करने वाले अरशद वारसी के लिए ‘मुन्नाभाई’ श्रंखला टर्निग प्वाइंट साबित हुई। इससे उन्हें सक्षम अभिनेता के रूप में पहचान मिली।
हालांकि उनके साथ विवाद भी जुड़े, लेकिन वह अपने अंदाज में आगे बढ़ते रहे। एक खास बातचीत में उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
* सोलो नायक बतौर फिल्म की तलाश जारी है...ब्>
मैंने कुछ बेहद अच्छी फिल्में की हैं और मुझे लगता है कि मैं अपना स्थान बनाने में सफल रहा हूं। मैं भी बतौर सोलो नायक फिल्म करना चाहता हूं, लेकिन हर चीज का एक वक्त होता है।
मैंने एकल हीरो के रूप में ‘सहर’ फिल्म की थी, उम्मीद है कि आगे भी ऐसी फिल्में करता रहूंगा। हालांकि मैं जो कुछ कर रहा हूं, उससे खुश हूं।
* सर्किट की भूमिका भी आपको बड़ी फिल्में नहीं दिला सकी?
फिल्म में सर्किट की भूमिका निभा कर मैंने अपने लिए बैंचमार्क स्थापित किया है। मैं अब इसी पर टिके रहना चाहता हूं। लोग मुझे अच्छी भूमिकाओं में देखना चाहते हैं। एक कलाकार होने के नाते यही मेरे लिए बड़ी बात है।
* फिर भी जो फिल्में आपने कीं, वह अपेक्षित परिणाम हासिल करने में नाकाम रही हैं?ब्>
दुर्भाग्य से जो फिल्में हम बना रहे हैं, वे गुणवत्ता के लिहाज से उपयुक्त नहीं हैं। यह सच है कि प्रत्येक फिल्म में हम अपना सौ प्रतिशत देने की कोशिश करते हैं, लेकिन सच्चई यही है कि सब कुछ करने के बावजूद हमारे प्रयास कहीं न कहीं कम रह जाते हैं।
* पिछले दिनों आपके दांपत्य को लेकर कुछ चर्चाएं रहीं। यह भी सुनने में आया है कि सफलता के बाद आपका रवैया बदल गया है?
इनमें से किसी भी बात में कोई सच्चई नहीं है। मैं जब किसी की फिल्म नहीं करता हूं तो वे मेरे रवैये को लेकर बेसिरपैर की बातें उड़ाने लगते हैं। रहा सवाल व्यक्तिगत जीवन का तो मैं इस पर कोई सफाई देना नहीं चाहता हूं।