शिमला । राज्य सरकार ने उद्योगों, पावर प्रोजेक्ट और निर्माण कार्यो से जुड़े श्रमिकों की सुरक्षा के लिए श्रमिक कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है। इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के 29, 92, 461 और पावर प्रोजेक्ट के 50 हजार श्रमिकों को सीधा लाभ होगा।
श्रमिक कल्याण बोर्ड 10 लाख रुपए से अधिक लागत की निर्माणाधीन आवास, भवन एवं परियोजनाओं पर लगने वाले उपकर से श्रमिकों के कल्याण के लिए काम करेगा। श्रम एवं रोजगार विभाग ने बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर एक्ट-1996 के तहत निर्माणाधीन परियोजनाओं में कार्यरत श्रमिकों की बेहतरी के लिए दिसंबर 2008 में एम्पलाएमेंट एंड सर्विस रूल्स बनाए थे। इनके अंतर्गत रोजगारदाताओं को अपने श्रमिकों का श्रम एवं रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक संस्थान जहां 50 से अधिक श्रमिक हैं वहां सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित लिखित स्टेटमेंट तैयार करना भी जरूरी है।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए गठित बोर्ड निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बिल्डर्स से विकास कार्र्यो की कुल लागत पर एक फीसदी उपकर एकत्र करेगा। उपकर से 2009-10 में 45 करोड़ व्यय करने का प्रावधान है।
अभी श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। आने वाले तीन वर्र्षो में 500 रुपए की दर से लगभग 30 हजार श्रमिकों को पेंशन प्रदान कर 18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
बोर्ड 5000 श्रमिकों के चिकित्सा भत्ते पर 50 लाख रुपए खर्च करेगा। पंजीकृत श्रमिकों के लिए अधरंग, क्षयरोग, दुर्घटना आदि की स्थिति में 2.50 करोड़ रुपए अनुग्रहपूर्वक अनुदान देगा। इसके अलावा श्रमिकों को 50 हजार रुपए आवास ऋण मिलेगा।