शिमला । साठ के दशक में सहपाठियों के बीच मोटू के नाम से पुकारे जाने वाले आनंद शर्मा अब कैबिनेट मिनिस्टर बन गए हैं। वह मिनिस्टर बने तो इससे खुश उनके बचपन के सहपाठी हरेंद्र पाल सिंह ने दिल्ली में उनके घर का नंबर लगाया।
आनंद नहीं मिले तो उनके पीए को मैसेज से बधाई दी। उन्होंने कहा ‘बचपन में आनंद बेहद तुनक मिजाज था। अंग्रेजी फिल्म देखने का उन्हें बड़ा शौक था। अंग्रेजी फिल्म की टिकट के लिए 12 आने जुटाने के लिए 10 दिन का इंतजार करना पड़ता था।’
शिमला जिला अदालत में वकालत कर रहे हरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आनंद को साइकिल की सवारी का खूब शौक था। बचपन में वह दोनों लक्कड़बाजार से मशोबरा तक साइकिल में घूमने जाते थे। मूवी का टिकट उस वक्त 12 आने का आता था।
हर दिन पॉकेट मनी के तौर पर एक आना मिलता था। इसलिए फिल्म देखने के लिए 12 दिन इंतजार करना पड़ता था।
कॉलेज में आनंद शर्मा सहपाठी रहे शिमला के पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी ने बताया कि वे दोनों एसडी स्कूल अंब (आरकेएमवी) में साथ पढ़ते थे। आनंद शुरू से ही अच्छे वक्ता थे। सामाजिक कार्यो में वे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे।