विएना/जालंधर. विएना के एक गुरुद्वारे में रविवार को डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख निरंजन दास और उनके समर्थकों पर सिख युवकों के हमले के बाद पंजाब में तनाव फैल गया है। जालंधर समेत आसपास के सभी इलाकों में हालत तनावपूर्ण है जिसके बाद मदद के लिए सेना को तैनात किया गया है।
इसके साथ ही अमृतसर में प्रदर्शनकारियों का विरोध जारी है। लोगों ने दिल्ली-अंबाला हाईवे जाम कर दिया है। फगवाड़ा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन पर हमला कर दिया है। जालंधर कैंट में प्रदर्शनकारियो ने खाली खड़ी जम्मूतवी -कन्याकुमारी ट्रेन के तीन डिब्बों में आग लगा दी, जिसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जालंधर में फिलहाल कर्फ्यू जारी है।
क्या है पूरा मामला -
सत्संग के दौरान हुए इस हमले में एक हमलावर समेत 30 लोग घायल हो गए। नौ की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। डेरा समर्थकों व सिख गुटों में लंबे समय से अनबन चल रही है।
जालंधर में डेरा समर्थकों ने सिटी बस फूंक दी, कई वाहन तोड़ डाले। जालंधर शहर के नाजुक हालात को देखते हुए कफ्यरू लगा दिया गया और सेना की मदद मांगी गई है। जालंधर की बूटा मंडी में कुछ लोगों ने एटीएम और एक ट्रक को आगे लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने लोगों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया, जिससे ट्रेन आवाजाही ठप्प हो गई। दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रात 12.00 बजे तक जालंधर सिटी और आसपास के स्टेशनों पर ही खड़ी थीं।
जालंधर कैंट स्टेशन में लोगों ने डीएमयू में तोड़फोड़ की। ट्रैक पर टायर भी फूंके गए। लुधियाना में जालंधर बाइपास पर बसों में आग लगा दी गई और बस अड्डे पर तोड़फोड़ की। फगवाड़ा में भी कई वाहनों को आग लगा दी गई। चक्का जाम से जम्मू, दिल्ली, राजस्थान को जाने वाली मुख्य सड़कों पर भी यातायात ठप हो गया। पटियाला में भी स्थिति तनावपूर्ण है। इस बीच डेरा सचखंड बल्लां ने अपने श्रद्धालुओं से शांत रहने और किसी तरह की हिंसा नहीं करने की अपील की है।
उधर, विएना के गुरुद्वारे में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी जसुफ काल्डेन के मुताबिक रविवार दोपहर सत्संग के दौरान छह लोग आए। इनमें से एक के पास बंदूक थी जबकि अन्य चाकू से लैस थे। आते ही उन्होंने सत्संग में मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। डेरा सचखंड बल्लां के सेवादारों ने बताया कि संत निरंजन दास के पैर और संत रामानंद के पेट में गोलियां लगी हैं। चैनलों के अनुसार दोनों संत सुरक्षित हैं। विएना में 3000 सिख रहते हैं।
सोमवार को बंद का आह्वान छवि
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने विएना के धार्मिक समारोह के दौरान बल्लां वाले संतों पर किए गए हमले की निंदा की है। इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए दोनों नेताओं ने विदेश मंत्रालय से मामले को ऑस्ट्रिया सरकार के साथ उठाने की बात कही है। मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से भी बात कर रहे हैं ताकि सारे मामले को उच्च स्तर पर उठाया जा सके। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की। दलित संगठनों द्वारा इस घटना के विरोध में सोमवार को फगवाड़ा बंद रखने का आह्वान किया गया है।
जालंधर शहर में रविवार शाम खराब माहौल में कफ्यरू लगाने का फैसला भी चार घंटे बाद लिया जा सका। करीब पौने नौ बजे डीसी अजीत सिंह पन्नू व एसएसपी आर.के जायसवाल मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने तुरंत कफ्यरू लगाने का आदेश नहीं दिया और चुपचाप वहां से चले गए। इससे पहले नाराज लोगों ने जालंधर शहर में कई जगह बीस मोटरसाइकिलों सहित चार बसों व एटीएम मशीन को आग लगा दी डेरा सचखंड बल्लां के संत सुरिंदर दास व डेरे के प्रेस सचिव एसआर अहीर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संत समाज ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की
गुरुद्वारों के बाहर गश्त बढ़ाई, चंडीगढ़ में भी सुरक्षा बढ़ाई
पंजाब के कई शहरों में डेरा समर्थकों की ओर रोष प्रदर्शन शुरू किए जाने के बाद चंडीगढ़ में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि यहां अभी तक पंजाब की घटनाओं का कोई असर देखने को नहीं मिला है। लेकिन पुलिस ने एहतियाती कदम उठा लिए हैं। इए संबंध में एएसएसपी सुधांशु शेखर श्रीवास्तव ने बताया कि इस बवाल के बाद चंडीगढ़ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गुरुद्वारों और रविदास भवन के बाहर नाइट पेट्रोलिंग गार्डस तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा सीआईडी भी सिख संगठनों के संपर्क में है।
वियना की घटना के बाद जालंधर में जिस प्रकार विरोध किया जा रहा है, क्या वह सही है? अपनी राय से हमें जरूर अवगत कराएं।
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