व्यापारी की हत्या के पीछे व्यापारी
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व्यापारी की हत्या के पीछे व्यापारी

ग्वालियर. सेवकराम खत्री हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस के हाथ आए ‘महत्वपूर्ण संदेही’ ने जो खुलासा

किया है, उससे पुलिस भी दंग है। उसने पुलिस को बताया है कि वारदात को अंजाम तो उसने दिया है लेकिन सेवकराम रुपया

कब लेकर जा रहा है, यह बात एक व्यापारी ने ही उसे बताई थी। पुलिस संदेही के बयान की जांच के साथ उक्त व्यापारी से पूछताछ कर रही है।

4 मई को सेवकराम खत्री की हत्या के बाद से ही पुलिस हत्यारों को तलाशने में लगी थी, पुलिस को एक सवाल परेशान किए जा रहा था कि व्यापारी प्रतिदिन इतनी रकम लेकर घर नहीं जाता था, ऐसे में हत्या वाले दिन भारी रकम ले जाने की पिन प्वाइंट सूचना बदमाशों को किसने दी ?

‘महत्वपूर्ण संदेही’ के सामने भी पुलिस ने यही सवाल रखा, पूछताछ में उसने पुलिस को व्यापारी का नाम बताया जो सेवकराम के पास आता-जाता रहता था और उसने सेवकराम द्वारा बड़ी रकम लेकर निकलने की बात बताई थी। यह व्यापारी भी जनकगंज थानाक्षेत्र का ही रहने वाला है। इस व्यापारी का नाम सामने आने के बाद पुलिस इसे उठा लाई और पूछताछ कर रही है।

पहले भी लूट कराई थी

पुलिस को इस व्यापारी के बारे में यह भी पता चला है कि वर्ष 1999 में हुई लूट की एक वारदात में भी बदमाशों के लिए मुखबिरी इस व्यापारी ने ही की थी।

एक संदेही निकल भागा

सेवकराम खत्री की हत्या का राजफाश करने के लिए पुलिस ने दो सैकड़ा से अधिक लोगों को पकड़कर पूछताछ की थी, ऐसे ही एक संदेही को पूछताछ करने के लिए पुलिस शनिवार को ग्वालियर थाने में लाई थी। पुलिस थाने में बैठे दूसरे संदेहियों से पूछताछ में व्यस्त रही, इस दौरान सोनू नामक एक संदेही निकल भागा।

टाइम लाइन

4 मई की रात को सेवकराम खत्री की हत्या रतन कॉलोनी में गोली मारकर कर दी गई थी। बदमाश छह लाख रुपयों से भरा बैग छीन ले गए थे।

5 मई को दाल बाजार बंद, इंदरगंज थाने के सामने प्रदर्शन।

19 मई को बिजली मंत्री अनूप मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर 30 मई तक हत्याकांड सुलझाने का अल्टीमेटम दिया।

पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण संदेही आया और उसने पिन प्वाइंट सूचना देने वाले व्यापारी का नाम पुलिस को बताया।



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