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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. रेल पटरी टूटने से रविवार की सुबह शहर के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सिथौली से थ्रू रवाना हुई श्रीधाम एक्सप्रेस टूटी रेल पटरी से आधी गुजर गई। चालक को जैसे ही एहसास हुआ, उसने ट्रेन को रोक दिया। जानकारी के अनुसार, सिथौली-ग्वालियर रेल खंड पर रविवार को रेल पटरी टूट गई थी।
यह पुराना जोड़ था, गैंगमैन ने पेट्रोलिंग के दौरन पटरी टूटी देखी और सामने से आ रही 2192 श्रीधाम एक्सप्रेस को लाल सिग्नल दिया। जब तक चालक ट्रेन को कंट्रोल करता, तब तक ट्रेन के दस डिब्बे टूटी पटरी पर से निकल चुके थे। ट्रेन के बीच रास्ते में खड़े होने व पटरी टूटने की खबर मिलने के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर पटरी को ठीक किया फिर ट्रेन को सतर्कता आदेश देकर चलाया गया। उसके बाद ग्वालियर आने वाली सचखंड एक्सप्रेस, गरीब रथ, केरला, मंगला व बुंदेलखंड एक्सप्रेस एक घंटे से ज्यादा लेट रहीं।
बिरलानगर में भी पटरी टूटी:उधर रविवार की शाम साढ़े चार बजे बिरलानगर के पास रेल पटरी टूटने की दूसरी घटना हो गई। हालांकि इस घटना के कारण यातायात प्रभावित नहीं हुआ।
शताब्दी सहित कई ट्रेनें लेट
ट्रेनों की लेटलतीफी रविवार को अप रेल मार्ग पर भी रही। सुबह नई दिल्ली से ग्वालियर आने वाली ट्रेनें एक से दो घंटे तक लेट रहीं। शताब्दी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़, ताज, हीराकुंद, स्वर्ण जयंती आदि ट्रेनों के लेट चलने से यात्रियों को ट्रेन में सवार होने के लिए इंतजार करना पड़ा।
अप मार्ग से शताब्दी व ताज एक्सप्रेस के लेट होने से डाउन मार्ग पर आने वाली शताब्दी व ताज एक्सप्रेस भी समय पर ग्वालियर नहीं आईं।
तालबेहट के पास रेल पटरी पर पेड़ गिरा
गत दिवस (शनिवार) आई तेज आंधी की वजह से तालबेहट (ललितपुर-झांसी) के पास पटरी पर पेड़ टूटकर गिर पड़ा। इसके गिरते ही ओवरहेड इक्विपमेंट के तार टूट कर पटरी पर गिर पड़े, तब तक सिर्फ दादर-अमृतसर एक्सप्रेस वहां से ग्वालियर के लिए निकल पाई थी।
उसके बाद रात्रिकालीन डाउन रेल सेवा पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। भोपाल की तरफ से आने वाली सदर्न एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस, एपी एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें तीन-तीन घंटे लेट चलीं।
परीक्षार्थियों के लिए रोकी यूपी संपर्कक्रांति
रात्रिकालीन ट्रेनों के लेट चलने से दिल्ली परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के लिए समस्या खड़ी हो गई थी। स्थानीय कर्मचारियों ने उनकी समस्या को समझते हुए झांसी के अफसरों से बात कर यूपी संपर्क क्रांति का स्टापेज नहीं होने के बाद भी रोका, इससे परीक्षार्थियों की समस्या दूर हुई।