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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं खाद्य मंत्री शरद पवार को रविवार को एक पत्र भेजकर मांग की है कि राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन धान की भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से खरीदी की जाए। उसना चावल की लेवी लेने के लिए भी एफसीआई को निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने उनसे देश में गैर बासमती चावल के निर्यात पर से प्रतिबंध जल्द हटाने की मांग की है। मुख्यमंत्री अपनी मांगों पर चर्चा करने के लिए छत्तीसगढ़ के सांसदों, किसान प्रतिनिधियों और राइस मिलरों के संयुक्त शिष्ट मंडल के साथ दिल्ली जाएंगे और श्री पवार से मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात के लिए इस महीने की 30 या 31 तारीख को समय देने का अनुरोध किया है। डा. सिंह ने फैक्स से भेजे पत्र में लिखा है कि वर्तमान खरीफ वर्ष में उड़ीसा, आंध्रप्रदेश और देश के अन्य राज्यों में भारतीय खाद्य निगम द्वारा लेवी के रूप में उसना चावल प्राप्त किया जा रहा है।
लेकिन छत्तीसगढ़ में निगम द्वारा जनवरी माह से राइस मिलरों से उसना चावल की लेवी प्राप्त नहीं की जा रही है। निगम राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान से निर्मित उसना चावल भी नहीं ले रहा है। गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा होने के कारण प्रदेश में चावल की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इसके परिणामस्वरूप प्रदेश की अधिकांश उसना राइस मिलें बंद हो गई हैं और राज्य के किसानों के ग्रीष्मकालीन धान की बिक्री भी मंडियों में प्रभावित हो रही है। डा. सिंह ने लिखा है कि वर्तमान में राज्य की कृषि उपज मंडियों में ग्रीष्मकालीन धान की आवक शुरू हो गई है लेकिन निगम द्वारा उसना चावल की लेवी प्राप्त नहीं की जा रही है।
इस कारण राइस मिलर्स भी खरीदी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन धान की अरवा मिलिंग संभव नहीं है और सामान्यत: उसना की खरीदी राइस मिलर्स करते हैं। किसानों को समर्थन मूल्य प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।
राज्य शासन के पास वर्तमान खरीफ वर्ष का चार लाख मीट्रिक टन धान मिलिंग के लिए बाकी है। इसकी मिलिंग जून माह की समाप्ति तक चलेगी। ऐसी स्थिति में राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त धान का उपार्जन संभव नहीं है।