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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. प्रदेश के 2 लाख कर्मचारियों को वित्त विभाग राज्य शासन द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद भी छठा वेतनमान व समयमान वेतन का लाभ नहीं मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश है। इसको लेकर कर्मचारी संघ 15 जून से अधिकारियों का घेराव करने का आव्हान किया है।
छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सीएल साहू और अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि लोक सभा निर्वाचन के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने छठा वेतनमान के आदेश जारी करने पर रोक लगा दी थी। लेकिन संघ द्वारा आदेश जारी करने के लिए 9 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा के बाद आयोग ने 23 मार्च को आदेश जारी हुए।
लेकिन 2 माह बीतने के बाद भी कर्मचारी छठे वेतनमान से वंचित है। छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा कर्मचारियों के हित में समयमान वेतनमान का आदेश 28 अप्रैल 2008 को जारी किया गया था। जिससे ऐसे कर्मचारी जिन्हें पदोन्नति के अवसर नहीं है उन्हें भी उच्चतम वेतनमान का प्रावधान 10 वर्ष एवं 20 वर्ष सेवा पूर्ण होने पर किया गया।
परंतु 12 महीने बीतने के बाद भी कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि विभागाध्यक्षों को 28 जनवरी 2009 को पत्र जारी निर्देशित किया कि जिन पदों का उल्लेख छूट गया यदि जोड़ा जाता है तो प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजें, परंतु विभागाध्यक्षों ने वित्त विभाग को इसकी जानकारी प्रेषित नहीं की।
संघ ने कहा है कि स्पष्ट प्रावधान व निर्देश के बाद भी अधिकारियों ने कर्मचारियों को छठा वेतनमान एवं समयमान वेतन को धन उगाही का जरिया बना लिये है, ऐसे अधिकारियों का संघ 15 जून से घेराव करेगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को छठा वेतनमान देने की मांग
छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ ने राज्य के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में छठवें वेतनमान का आदेश तत्काल प्रसारित किए जाने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि पेंशनरों को छठे वेतनमान का लाभ देने के लिए राज्य आबंटन अधिनियम के तहत मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ दोनों शासन की सहमति जरूरी है।
लेकिन लाभ देने की तिथि को लेकर दोनो शासन की सहमति नहीं बन पा रही है। इसी मुद्द्े को लेकर 1 जून को भोपाल में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के बीच तिथि को लेकर सहमति बनाने के लिए बैठक होगी, जिससे जल्द से जल्द पेंशनरों को भी छठें वेतनमान का लाभ मिल सके।
संघ के प्रांताध्यक्ष महेंद्र जैन और महामंत्री वीरेंद्र नामदेव ने बताया कि राज्य के नियमित अधिकारी व कर्मचारियों तथा कार्यभारित आकस्मिक सेवा निधि से प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को केंद्र के समान छठें वेतनमान देने के आदेश प्रसारित कर दिए गए है। लेकिन राज्य के पेंशन भोगी सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को छठे वेतनमान का आदेश आज तक लंबित है।
इससे सेवानिवृत्त अधिककारियों व कर्मचारियों में रोष है, इसे लेकन वे धरना प्रदर्शन व आंदोलन कर शासन से मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सेवारत अधिकारियों-कर्मचारियों की भांति सेवा निवृत्त अधिकारी व कर्मचारियों को छठें वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की थी।