जयपुर. छबड़ा ताप बिजलीघर की तीसरी व चौथी इकाइयों का निर्माण रविवार से शुरू हो गया। दोनों इकाइयों में प्रत्येक की क्षमता 250 मेगावाट है। इन दोनों इकाइयों का निर्माण 2011 में पूरा किए जाने का लक्ष्य है। इनसे रोजाना 110 लाख यूनिट बिजली मिलेगी। बिजलीघर की इन दोनों इकाइयों के बायलर निर्माण के काम का प्रारंभ रविवार को राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एस.के. कल्ला ने किया।
डॉ. कल्ला ने बताया कि 500 मेगावाट कुल क्षमता की इन दोनों इकाइयों के निर्माण पर करीब 2200 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस अवसर पर कल्ला ने ताप बिजलीघर की पहली व दूसरी इकाइयों के निर्माण की प्रगति का जायजा भी लिया। परियोजना में लगे अधिकारियों को समय पर बिजली उत्पादन प्रारंभ करने में जुटने के निर्देश दिए।
कल्ला ने बताया कि इस ताप बिजलीघर की पहली इकाई को सिंक्रोनाइज किया जा चुका है और इससे जुलाई में कोयले से बिजली उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य तय हुआ है। बिजलीघर की दूसरी इकाई को इस वर्ष अक्टूबर में सिंक्रोनाइज करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे इसी साल दिसंबर में बिजली उत्पादन प्रारंभ करने का कार्यक्रम है।
उन्होंने बताया कि छबड़ा में ही प्रत्येक 660 मेगावाट क्षमता की दो सुपर क्रिटिकल विद्युत इकाइयों की स्थापना को मुख्यमंत्री अनुमति दे चुके हैं। इन पांचवीं और छठी इकाइयों का निर्माण 2013 में पूरा करने का कार्यक्रम है। इस अवसर पर निगम के निदेशक एम.एल. कोठारी, परियोजना के मुख्य अभियंता आई.जेङपाल और टाटा कंसलटेंसी के बी.एस. महेशा एवं बिजलीघर निर्माण करने वाली कंपनी इंडयोर लिमिटेड के के.सी. बनर्जी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।