ऐसे बंटते हैं पानी के बिल
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ऐसे बंटते हैं पानी के बिल

billsअजमेर. वैशाली नगर-चौरसियावास इलाके में रहने वाले जलदाय विभाग के करीब पांच सौ उपभोक्ताओं के बिल झाड़ियों में पड़े मिले। जलदाय महकमे ने हालांकि ये बिल 15 तारीख को जारी कर दिए थे लेकिन ये अभी तक उपभोक्ताओं को नहीं मिले। खास बात यह है कि बिल जमा कराने की आखिरी तारीख सोमवार को है। यदि 25 तारीख को लोगों ने बिल जमा नहीं कराए तो उन्हें पेनल्टी भरनी पड़ेगी।

शहर में उपभोक्ताओं को बिल वितरण की कार्रवाई विभागीय स्तर पर ठेकेदार फर्म के माध्यम के की जाती है। जिन पांच सौ उपभोक्ताओं के पास बिल नहीं पहुंचे वे सभी एईएन तृतीय के अधीन हैं। इनमें फ्रेंड्स कॉलोनी, अरावली विहार, जीवन दीप, ईदगाह, चौरसियावास, बालाजी नगर, चित्रकूट कॉलोनी, माधव नगर व आस-पास के क्षेत्र शामिल हैं।

इन क्षेत्रों के बिल माधव नगर में चौरसियावास रोड पर स्थित डेयरी बूथ के पीछे झाड़ियों में पड़े मिले। लोगों को इसकी जानकारी तब मिली जब कुत्ते झाड़ियों में पड़े बैग को फाड़ने की कोशिश कर रहे थे।

लोगों ने बैग की तलाशी ली तो उसमें इलाके के लोगों के पानी के बिल पड़े मिले। लोग हैरान इसलिए हैं क्योंकि विभागीय स्तर पर 15 मई को जारी इन बिलों में राशि जमा कराने के अंतिम तारीख 25 मई है। इस प्रकार सभी उपभोक्ताओं को इस बार बिल का राशि के साथ पेनल्टी की रकम भी जमा करानी पड़ेगी।

उनका कहना है

ञ्चपानी के बिल वितरण का काम निजी ठेकेदार को दिया गया है। उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिले और झाड़ियों में पड़े मिले हैं तो ये ठेकेदार की लापरवाही है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - आर.एन. वैष्णव, एक्सईएन, पीएचईडी, राजस्व खंड

ञ्चबिल वितरण का काम मेरे लोगों द्वारा किया जा रहा है। सभी क्षेत्रों में बिल वितरित किए जा रहे हैं। मैं पता लगाऊंगा गड़बड़ी कहां हुई है। यदि ऐसा हुआ है तो बिल तुरंत वितरित कराए जाएंगे। - मुकेश पारीक, ठेकेदार



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