News
Himachal Pradesh
Baki Himachal Baki Himachal हमीरपुर. भाषा एवं संस्कृत अकादमी लोगों को अब पक्षियों की बोलियां सिखाएगी। अकादमी का मानना है कि यह कला काफी पुरानी है। प्रोत्साहन न मिलने के कारण यह विलुप्त हो गई है। इस कला को जानने वाले कुछ लोग अभी भी हैं। अकादमी ऐसे लोगों को तलाश करेगी।
अकादमी के पास टांकरी लिपि में लिखी गई विद्वानों की दर्जन भर दुर्लभ किताबें मौजूद हैं। इनमें पक्षियों की बोलियों को समझने के तरीके दर्ज हैं। अकादमी ऐसे लोगों की तलाश कर रही है जो टांकरी लिपि जानते हों। अकादमी का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कला में दक्ष करना है। ताकि विलुप्त कला का सरंक्षण हो सके।
अन्य मकसद यह जानना भी है कि हमारे पूर्वज पक्षियों की भाषा को समझकर उसका उपयोग किस संदर्भ में करते थे। अकादमी का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं से पहले पक्षियों के हावभाव और उनकी भाषा को जानकर बचाव करने में मदद मिल सकती है। मौसम के बदलाव की भी जानकारी पक्षियों की आवाज से मिलती है।