पिहोवा । गांव भौर सैयदां के समीप बीबीपुर झील में विलुप्त हुई ऐतिहासिक सरस्वती नदी की साइट को कब्जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। चार दिन बीतने के बाद भी सिंचाई विभाग और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
जिससे गांव भौर सैयदां, मुर्तजापुर, टकोरन, सूरमी, छैलों के अलावा कई अन्य गांवों के लोगों में विभाग के प्रति रोष गहराता जा रहा है। रविवार को उपरोक्त सभी गांवों के लोगों की बैठक भौर सैयदां में हुई।
जिसमें निर्णय लिया गया कि आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार सुबह से सिंचाई विभाग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और लगातार धरना दिया जाएगा। जिसमें कई लोग क्रमवार धरने पर बैठेंगे। सारी कार्रवाई से अवगत करवाने के लिए महामहिम राज्यपाल के कार्यालय में फैक्स करके उनसे मिलने का समय लिया जाएगा, ताकि विलुप्त हुई ऐतिहासिक सरस्वती नदी को बचाया जा सके।
भौर सैयदां के किसान बाबू राम शर्मा, हरपाल सिंह, मनजीत सिंह, देवी सिंह आदि ने बताया कि पिछले कई दिन से वे सिंचाई विभाग के एक्सईन व एसडीओ को ऐतिहासिक नदी पर जेसीबी चलाकर कब्जा करने वाले लोगों के नाम व पते दे चुके हैं।
लेकिन विभाग के अधिकारी पूरे मामले पर लीपापोती कर रहे हैं। जिससे खेती बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगी। किसानों का आरोप है कि कई लोगों ने करीब 8 से 10 एकड़ लंबी इस सरस्वती नदी में जेसीबी से कब्जा करके खेतों में मिला लिया है।
जिससे पानी का बहाव बाधित होगा। इतना ही नहीं आरोपियों ने पुरातत्ववेताओं द्वारा चिन्हित की गई साइटों को भी तहस-नहस कर दिया। जिससे इस नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।