बनना है आईएएस
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बनना है आईएएस

ग्वालियर. सोमवार को घोषित हुए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम के परिणाम ग्वालियर के लिए अच्छे रहे। शहर के छात्र श्रीकांत नागोरी ने इस राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में 30वां स्थान प्राप्त कर शहर का टॉपर होने का खिताब हासिल किया है। उसने इस परीक्षा की तैयारी शहर से बाहर की है। सिटी भास्कर से खास बातचीत में श्रीकांत ने कहा कि परिणाम मनमुताबिक नहीं रहा।

मुझे और अच्छी रैंक की उम्मीद थी। क्योंकि मेरे कुछ दोस्त जिनकी रैंक मेरे से अच्छी आई है उनकी तैयारी मुझसे ज्यादा अच्छी नहीं थी। बहरहाल रिजल्ट से पूरा परिवार बहुत खुश है। पैथोलाजिस्ट डा. शैलेन्द्र नागोरी और गायनोकोलॉजिस्ट डा. गायत्री नागोरी के छोटे बेटे श्रीकांत ने कहा कि मुझे सबसे पहले रिजल्ट की जानकारी मेरे जयपुर में रहने वाले जीजाजी ने फोन से दी।

वैसे मैं भी नेट पर रिजल्ट देखने की कोशिश कर रहा था पर साइट कंजेशन के कारण सफल नहीं हो पा रहा था। सराफा बाजार स्थित सिद्दार्थ माडर्न स्कूल से 12वीं करने वाले श्रीकांत ने कहा कि घर दूर रहकर फ्रीडम तो मिल गई थी लेकिन साथ ही मन पर बोझ था कि मेरे लिए माता पिता ने सेक्रिफाइज किया है इसलिए मेहनत और लगन से तैयारी करनी है।

श्रीकांत ने बताया कि आईआईटी मुम्बई में कम्प्यूटर साइंस से आईआईटी करना है और फिर आईएएस के लिए तैयारी करनी है। मेरे बड़े भाई नितिन ने इसी साल आईआईटी खड़गपुर से पासआउट किया है। इसलिए मुझे न तो एंट्रेंस एग्जाम में परेशानी आई और न ही आगे आने वाली है। जेईई के लिए मैंने रुटीन में आठ से 10 घंटे और परीक्षा के समय 12 घंटे पढ़ाई की।

सबसे बड़ी बात यह थी कि एग्जाम से पहले मैं पूरी नींद लेता था ताकि अच्छे से पेपर दे सकूं। मेरे साथ मेरा कजिन आदित्य नागोरी ने भी परीक्षा दी हालांकि उसकी रैंक 3738 है पर मुझे पेपर से पहले कंपनी मिल गई थी। श्रीकांत ने बताया कि क्रिकेट मेरा पसंदीदा खेल है और फाइटर स्पिरिट की वजह से सौरभ गांगुली मेरा फेवरेट खिलाड़ी।



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