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ग्वालियर. चार हथियारबंद बदमाशों ने सोमवार की दोपहर एक सर्राफा व्यापारी के दफ्तर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। बदमाश हथियार दिखाकर मारपीट करते हुए नकदी, पांच मोबाइल फोन, एक सोने की चेन और दो अंगूठी लूट ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी। हालांकि प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस को लूट का यह मामला संदिग्ध लग रहा है।
जानकारी के अनुसार, सर्राफा व्यापारी नरेन्द्र गुप्ता की फर्म तान्या ज्वेलर्स प्रा.लि. रॉक्सी रोड का दफ्तर बालाजी टॉवर में स्थित है। सोमवार की दोपहर सवा दो बजे चार युवक इनके दफ्तर पहुंचे। बाहर बैठे दफ्तर के कर्मचारी सोनू से युवकों में से एक ने पूछा कि ‘भाई साहब’ कहां हैं? इस पर सोनू चारों को लेकर नरेन्द्र के पास ले गया। अंदर जाते ही
इन युवकों ने कट्टे तथा रिवॉल्वर निकालकर तिजोरी में रखे रुपए निकालने को कहा। बदमाशों ने हल्की मारपीट भी की। नरेन्द्र ने कहा कि वे किसी को गोली न मारें जो रुपए रखे हैं, ले जाएं। बदमाशों ने अलमारी में रखे 7.94 लाख रुपए निकाले, नरेन्द्र से सोने की चेन ली और तीन मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। जाते-जाते बदमाश बाहर से इनके ऑफिस का द्वार बंद कर गए।
लगभग पन्द्रह मिनट बाद श्री गुप्ता का एक परिचित पहुंचा, तब उन्होंने बाहर से लगा दरवाजा खुलवाया और उसके बाद अपने भाई को बुलाकर पुलिस को घटना की सूचना दी। सोनू के अनुसार, बदमाशों में एक जींस और सफेद टीशर्ट व एक अन्य लाल टी शर्ट पहने हुए था।
रुपए दे गया था दलाल?
नरेन्द्र ने पुलिस को बताया कि सोने-चांदी की दलाली करने वाले बॉबी को उसने 601 ग्राम सोना दिया था जिसकी एवज में वह 7.94 लाख रुपया दे गया था। पुलिस फिर बॉबी दलाल को थाने ले आई लेकिन उसने साफ मना कर दिया कि उसने नरेन्द्र गुप्ता से कोई सौदा किया था। बॉबी दलाल द्वारा रुपया दिए जाने से इनकार करने पर पुलिस की उलझन बढ़ गई। इसके बाद नरेन्द्र ने एफआईआर में रुपए का खुलासा नहीं किया बल्कि यह बताया कि वह हिसाब देखकर बता पाएगा कि बदमाश कितना रुपया ले गए हैं।
पुलिस को दिख रहा है पेंच ही पेंच
घटना का जायजा लेने के लिए मौके पर एसपी वीके सूर्यवंशी, एडीशनल एसपी पश्चिम क्षेत्र मनोहर सिंह वर्मा, सीएसपी प्रणय नागवंशी, कंपू टीआई केएस भदौरिया तथा फोरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव पहुंच गए थे। प्रारंभिक जांच और पूछताछ शुरू हुई तो मौके पर मौजूद रहे लोगों के बयान में पेंच ही पेंच पुलिस को नजर आए। लूट की वारदात के बाद जब बदमाश नरेन्द्र गुप्ता और उसके कर्मचारियों को दफ्तर के अंदर बंद कर गए थे, तो वहां लैंडलाइन टेलीफोन भी मौजूद था लेकिन इन लोगों ने किसी बाहर वाले व्यक्ति को इसके जरिए सूचना नहीं दी।
वे दरवाजा खोले जाने के लिए किसी के आने का इंतजार क्यों करते रहे। हालांकि नरेंद्र और उसके कर्मचारियों का कहना है कि वे दहशत में थे। जिस व्यक्ति ने बदमाशों द्वारा लगाए गए दरवाजे को खोला, वह पुलिस के आने से पहले ही गायब हो गया। पुलिस ने नरेन्द्र के कर्मचारी ठाकुरदास से पूछताछ की तो उसने बताया कि दरवाजा खोलने वाला इंदौर निवासी खुमानी था। उसका गायब हो जाना पुलिस समझ नहीं पा रही है।
जिस जीप में बदमाशों के आने की बात बताई जा रही है, उसे बालाजी टॉवर के आसपास के दुकानदार देखे जाने से इनकार कर रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने भी शहर से बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर पहरा बैठा दिया था, यहां से भी बताई गई जीप नहीं निकल पाई। कर्मचारी ठाकुरदास से पूछताछ में बताया कि नरेन्द्र गुप्ता ने बैग से रुपए निकालकर अलमारी में रखे थे या नहीं, उसने नहीं देखा। यह पेंच भी पुलिस को परेशान कर रहा है।
अंत में व्यापारी यह कहने लगा कि उसके यहां से रूपया कितना गया यह वह हिसाब देखने के बाद ही बता सकेगा। बार-बार बदलते बयानों से पुलिस को व्यापारी द्वारा सुनाई गई लूट की कहानी संदिग्ध दिखाई दे रही है। सर्राफा व्यापारी ने प्रारंभिक रूप से 7.94 लाख रुपए, मोबाइल और जेवरात लूटे जाने की बात बताई गई थी, लेकिन रुपए कहां से आए, यह बात वह बता नहीं पाया है। जिस युवक से रुपए आने की बात कही गई थी, उसने सर्राफा व्यापारी को रुपए दिन जाने की बात से इनकार कर दिया है।
सर्राफा व्यापारी ने अब पांच मोबाइल फोन, दो अंगूठी और एक सोने की चेन लूटा जाना बताया है, रुपया कितना लूटा गया यह बात वे हिसाब देखकर बताने की बात कह रहे हैं। घटना संदिग्ध नजर आ रही है। -प्रणय नागवंशी, सीएसपी, झांसी रोड सर्कल