बीकानेर. सूरसागर तालाब अब बोटिंग के लिए लगभग तैयार है। नगरवासी 10 रुपए में बोटिंग का लुत्फ उठा सकेंगे।‘भास्कर’ में खबर छपने के बाद नगर विकास न्यास ने सूरसागर तालाब की सफाई करवाई है। हालांकि तालाब में अब भी काई नजर आती है। पूरी तरह से उसे साफ होने में काफी समय लगेगा। पिछले करीब डेढ़ माह से तालाब की सफाई नहीं हो सकी है। तालाब को ठेके पर देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
26 मई को इसके टैंडर जारी किए जाएंगे और 29 मई को खोले जाएंगे। नेगोसिएशन कर एक जून से बोटिंग शुरू करने के लिए नगर विकास न्यास प्रयासरत है। न्यास ने आधा घंटा बोटिंग की दर 10 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित की है। एक बार में एक बोट में दो से चार व्यक्ति तक बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। व्यक्तियों की संख्या बोट की क्षमता पर निर्भर होगी। नगरवासियों को सूरसागर की सीडियों पर बैठकर तालाब को नजदीक से निहारने का भी शुल्क देना होगा।
सूरसागर की सीडियों पर प्रवेश के लिए दो रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है। नया ठेका छूटने के साथ ही यह शुल्क लागू हो जाएगा। हालांकि यह शुल्क पहले पांच रुपए निर्धारित किया गया था लेकिन यह राशि अधिक होने के कारण न्यास ने प्रवेश शुल्क दो रुपए ही रखने का निर्णय लिया है। दोनों तरह के शुल्क की रकम ठेकेदार को तीन माह की अग्रिम न्यास में जमा करवानी होगी। सप्ताह में एक बार तालाब की सफाई की जिम्मेवारी भी ठेकेदार ही होगी।
न्यास ने तालाब को ठेके पर देने की व्यवस्था को दो भागों में विभाजित किया है। राजस्व के अलावा दूसरा भाग संचालन का है, जिससें रखरखाव भी शामिल है। न्यास केवल बिजली का बिल ही वहन करेगा। पंप ड्राइवर, चौकीदार आदि की व्यवस्थाओं का जिम्मा ठेकेदार को होगा। नगरवासियों को सूरसागर में बोटिंग का बेसब्री से इंतजार है।
गत वर्ष अक्टूबर में इसका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने किया था। उसके बाद विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के कारण तालाब में बोटिंग शुरू नहीं हो सकी। इस दौरान रखरखाव के अभाव में तालाब की दशा भी बिगड़ने लगी थी, जिसे न्यास ने वापस सुधारने की दिशा में प्रयास शुरू किए हैं।
ठेके के दस्तावेज फाइनल कर दिए गए हैं। तालाब की काफी सफाई करवा दी गई है। यह सही है कि सेवण घास इसमें फैल चुकी है लेकिन सप्ताह में एक बार सफाई करवाने से घास और काई फैलेगी नहीं। >-लक्ष्मणसिंह, एक्सईएन, यूआईटी
सूरसागर में सेवण घास
सूरसागर तालाब में सेवण घास उग आई है। इंजीनियर इसे भविष्य के लिए खतरा मानते हैं। तालाब का तला कच्च होने के कारण घास पूरे तालाब में फैल चुकी है। न्यास ने हाल ही में एक ट्रॉली भर कर घास निकाली। आरयूआईडीपी के एक इंजीनियर ने बताया कि लोकार्पण की जल्दी में तालाब में नहर का पानी डाला गया था। उस दौरान सेवण घास के बीज भी सूरसागर तालाब में आ गए।
आरयूआईडीपी के इंजीनियरों ने प्रोजेक्ट के प्रारंभिक दौर में इसके तले को पक्का करवाने की सलाह उच्चधिकारियों को दी थी। क्योंकि तालाब को लेकर आगे आने वाली समस्या को अंदाजा उस वक्त लगा लिया गया था लेकिन प्रशासन को प्रोजेक्ट विधानसभा चुनाव से पहले ही पूरा कर शुरू करवाने की जल्दी थी। इसलिए इंजीनियरों की सलाह को महžव नहीं दिया गया। अब यह घास समस्या बन जाएगी। दुर्घटनावश कोई तालाब में गिर तो उसके घास में फंसकर मौत के मुंह में जाने का खतरा है।