आईआईटी में छात्रों का परचम
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आईआईटी में छात्रों का परचम

iitबीकानेर. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी (आईआईटी) की परीक्षा में बीकानेर के करीब दो दर्जन छात्रों ने मेरिट में स्थान बनाया है। अखिल भारतीय स्तर पर अप्रैल में हुई इस परीक्षा में बीकानेर के करीब 900 विद्यार्थी बैठे थे। देशभर में 10 हजार 35 सफल विद्यार्थियों में से आठ हजार 295 को प्रवेश दिया जाएगा। बीकानेर के 21 से अधिक विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान पाने में सफलता हासिल की है।

एक्सटेंड लिस्ट में भी काफी विद्यार्थी आए हैं। मेरिट में स्थान बनाने वाले बीकानेर के अधिकांश छात्रों ने यहीं के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में पढ़ाई की है। मेरिट में स्थान पाने में छात्राएं पीछे रही हैं। सीएडी में जूनियर इंजीनियर बीकानेर निवासी शिवराज गुप्ता के पुत्र चिराग ने 262 वीं रेंक हासिल की है। कांता खतूरिया कॉलोनी निवासी दुर्गालाल शर्मा के पुत्र महेश शर्मा ऑल इंडिया स्तर पर 1192 वीं रेंक प्राप्त की है। महेश इन दिनों परीक्षा देने पिलानी गया है।

आईआईटी के रिजल्ट में अच्छी रेंक मिलने पर उसके परिवार वाले उत्साहित हैं। ऊनी खादी ग्रामोद्योग संस्थान में लेखपाल के पद पर कार्यरत दुर्गालाल ने बताया कि उनकी पत्नी निरक्षर है लेकिन बेटे को इंजीनियर बनाने का सपना लिए वह दिनरात महेश पर ध्यान देती थी। दुर्गालाल के चार पुत्रों में महेश तीसरे नंबर पर है। रिजल्ट में अच्छी रेंक आने पर उसकी मां ने भगवान के प्रसाद का भोग लगाया तथा परिवार और मोहल्ले में मिठाई बांटी।

आईआईटी की मेरिट में 1819 वीं रेंक हासिल करने वाले ईशू मिड्ढ़ा के पिता पूर्णचंद मिड्ढ़ा सूरतगढ़ में इलेक्ट्रोनिक्स के व्यवसायी हैं। अपने व्यवसाय से प्रेरित होकर उन्होंने अपने दो पुत्रों व पुत्री को इंजीनियरिंग की शिक्षा देने की ठानी थी। उन्हें खुशी है कि सबसे छोटे बेटे ने भी उनका सपना पूरा कर दिखाया है। इसी प्रकार माधव गोस्वामी 1950 वी रेंक, पंकज शर्मा 2004 वीं रेंक, हेमंत खत्री 5254 वीं रेंक तथा प्रखर गहलोत ने भी 4041वीं रेंक लेकर मेरिट में स्थान बनाया है।

सफल आने वाले विद्यार्थी रिजल्ट आने के बाद माता-पिता का आशीर्वाद लेकर अपने-अपने कोचिंग इंस्टीट्यूट गए। वहां पहुंचकर गुरुजनों का भी आशीर्वाद लिया। आईआईटी के परिणामों को लेकर शहरभर में उत्सुकता का माहौल रहा। विभिन्न कोचिंग इंस्टीटच्यूट्स में उत्साह था। छात्र सुबह-सवेरे ही गुरुजनों से मिलने इंस्टीटच्यूट पहुंच गए। जहां पर मिठाइयां बांटी गई।

सफल होने वाले छात्रों के परिजनों ने मोहल्ले में मिठाई बांटी। उनके घरों पर दिनभर बधाईयां देने वालों का तांता लगा रहा। कोचिंग संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि बीकानेर में इस बार पहले से अधिक छात्र आईआईटी में सफल हुए हैं। बीकानेर में भी बेहतर शिक्षा देने वाले संस्थान है। उसके बाद भी छात्रों और अभिभावकों का रुझान कोटा पर अधिक रहता है।



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