अजमेर. ख्वाजा साहब के उर्स के दौरान ड्यूटी देने वाले लगभग 90 फीसदी पुलिसकर्मी और होमगार्ड्स उर्स के बाद बीमार हो जाते हैं। यह खुलासा दरगाह वृत्त के डीएसपी जयसिंह राठौड़ ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में किया है। इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए एसपी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे को पत्र लिख कर पुलिसकर्मियों को रोग निरोधक टीके लगाने का आग्रह किया है।
उर्स के दौरान ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों व अफसरों के उर्स के बाद बीमार होने से पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अब एसपी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे से मदद मांगी है। डीएसपी जयसिंह राठौड़ ने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रत्येक उर्स में अनुमानत: 5 लाख जायरीन दरगाह में आते हैं। इसमें जुमे की नमाज और छठी की रस्म के दिन सर्वाधिक भीड़ होती है।
इस व्यवस्था के लिए करीब 2436 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी एवं 700 होमगार्ड्स को ड्यूटी पर लगाया जाता है। पूर्व के अनुमान के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उर्स के बाद करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी बीमार हो जाते हैं। इसे देखते हुए ड्यूटी पर लगने वाले जाप्ते के रोग निरोधक टीके लगाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे से बात की जा सकती है। इस आधार पर एसपी हरिप्रसाद शर्मा ने एडिशनल सीएमएचओ कार्यालय को एक पत्र भेज कर व्यवस्था करने के लिए कहा है।
जायरीन को मिले भिखारियों से निजात
पुलिस विभाग ने उर्स में आने वाली कुछ और समस्याओं के समाधान के लिए भी सुझाव दिए हैं। इनमें प्रमुख रूप से जायरीन को भिखारियों से निजात दिलाने की वकालत की गई है। वहीं समाज कल्याण विभाग से आनासागर रोड विश्राम स्थली पर शिविर लगाने का आग्रह किया है। दरगाह क्षेत्र में भिखारियों की संख्या बहुत अधिक रहती है।
उर्स में इनकी सर्वाधिक संख्या दरगाह और आनासागर विश्राम स्थली व तारागढ़ तक होती है। इसे देखते हुए भिखारियों से जायरीन को निजात दिलाने के लिए समाज कल्याण विभाग विश्राम स्थली पर ही शिविर लगाए।