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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में मंगलवार को पंजाब के तीन वरिष्ठ सांसदों में से एक को लिए जाने की संभावना है। इनमें सबसे ऊपर पटियाला से सांसद महारानी परनीत कौर, लुधियाना से मनीष तिवारी और जालंधर के मोहिंदर सिंह केपी का नाम चर्चा में है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी हाईकमान को उन सांसदों के नामों की पेशकश की है, जिन्हें मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है।
इनमें महारानी, केपी, तिवारी समेत आनंदपुर साहिब से युवा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भी शामिल हैं, लेकिन अब देखना यह होगा हाईकमान किसको मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए बुलाता है। दो दिन पहले प्रधानमंत्री के साथ जिन 19 मंत्रियों ने शपथ ली थी उनमें से पंजाब से अंबिका सोनी को कैबिनेट में शामिल किया गया है। हालांकि वह राज्यसभा से आई हैं।
अभी तक जिन आठ लोगों ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को हराया है उनमें से किसी का नंबर भी नहीं लगा है। सांसद परनीत कौर का दावा सबसे अधिक मजबूत है। वह तीन बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। वैसे अंबिका सोनी के मंत्री बनने के बाद उनका दावा कमजोर पड़ रहा है क्योंकि एक राज्य से एक महिला को लिया गया है। मोहिंदर सिंह केपी पहली बार संसदीय चुनाव जीते हैं। लेकिन वह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं और प्रदेश कांग्रेस के प्रधान भी।
दलित नेता के रूप में वह साफ सुथरी छवि वाले हैं। उनके पिता आतंकवाद का शिकार हो चुके हैं। मनीष तिवारी युवाओं का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। वे गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। लुधियाना में खोया जनाधार कांग्रेस ने बड़ी मुश्किल से हासिल किया है। इसलिए कांग्रेस लुधियाना के लोगों को निराश नहीं करना चाहेगी। होशियारपुर से चुनाव जीतीं संतोष चौधरी भी मंत्री बनने की दौड़ में हैं।
वह पहले भी सांसद रह चुकी हैं लेकिन यदि दलित वर्ग को प्रतिनिधित्व देते हुए मोहिंदर सिंह केपी को चुन लिया जाता है तो उनका दावा ढीला पड़ सकता है। आनंदपुर साहिब से चुनाव जीते रवनीत बिट्टू,गुरदासपुर से चुनाव जीते प्रताप सिंह बाजवा, फतेहगढ़ साहिब से चुनाव जीते सुखदेव सिंह लिबड़ा और संगरूर से चुनाव जीते विजय इंद्र सिंगला का दावा फिलहाल कमजोर है।