रामगंजमंडी. शहर के समीप सुकेत रोड पर कोल्ड स्टोरेज में शनिवार शाम को लगी आग पर ४६ घंटे बाद सोमवार को काबू पाया जा सका। इसके बाद भी कुछ बचा धनिया सुलगता रहा। आग से करीब १क् करोड़ रुपए का धनिया जलने का आंकलन किया जा रहा है। साथ ही दो करोड़ रुपए का भवन भी खाक हो गया है।
आग पर काबू पाने से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापारियों व दमकल कर्मियों ने भी राहत की सांस ली। सुकेत रोड पर पारसा माता चौराहा के समीप स्थित एमसी मित्तल कोल्ड स्टोरेज पर शनिवार शाम को चार बजे करीब शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। आग की सूचना के बाद शहर की एक दमकल के अलावा कोटा व झालावाड से दो-दो दमकल बुलाई गई, लेकिन फिर भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
रविवार को रावतभाटा से दो दमकल और फायर एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई। इसके बाद भी रविवार को आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस बीच कोल्ड स्टोरेज में सामने की ओर होल कर आग से सुरक्षित रहा धनिया बाहर निकाला गया। कोल्ड स्टोरेज में शनिवार शाम को लगी आग पर आठ दमकल की मदद से सोमवार को करीब दो बजे काबू पाया जा सका।
इसके बाद भी कुछ स्थानों पर धनिया सुलगता रहा, जिसे बुझाने के लिए दो दमकल जुटी रही। आग पर काबू पाने के बाद अन्य दमकलों को यहां से रवाना कर दिया गया और तीन दमकल को एहतियात के तौर पर यहां रोका गया। प्रशासनिक सूत्रों व व्यापारियों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज में करीब 65 से 70 हजार बोरी धनिया था।
कोल्ड स्टोरेज में ए ब्लॉक आग की चपेट में आया। इस बीच बी ब्लॉक में होल कर करीब ३क् हजार बोरी धनिया बाहर निकाल लिया गया। कोल्ड स्टोरेज में करीब डेढ़ सो बोरी धनिया पावडर भी था, जिसे सुरक्षित निकाल लिया गया। व्यापारियों के अनुसार कोल्ड स्टोरेज में करीब 40 हजार बोरी धनिया आग में जल गया। जिसकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपए हैं।
साथ ही आग से दो करोड़ रुपए लागत का कोल्ड स्टोरेज भी खाक हो गया है। कृषि उपजमंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष फूलचंद डांगी ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में करीब 20-25 व्यापारियों का धनिया जमा था। इसमें से करीब 40 हजार बोरी धनिया जल गया, जिससे लगभग 10 करोड रुपए का नुकसान हुआ है।
तड़के मिली पहली सफलता
दो दिन से आग में घिरे कोल्ड स्टोरेज को बचाने में पहली सफलता सोमवार तड़के मिली। एसडीएम मानसिंह ने बताया कि शनिवार शाम से सोमवार तडके तक कोल्ड स्टोरेज में आग बढ़ती रही। सोमवार रात तक बी ब्लॉक का धनिया निकाल लिया गया था।
इस बीच ए ब्लॉक में सुबह साढ़े चार बजे करीब आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद आग आगे नहीं बढ़ पाई। सोमवार को दोपहर दो बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। केवल कहीं-कहीं धनिया के ढेर सुलग रहे थे। ए ब्लॉक में शाम तक भी धुआं उठ रहा था।
यहां से ली मदद
कोल्ड स्टोरेज में लगी आग पर काबू पाने के लिए प्रशासन व व्यापारियों को विभिन्न स्थानों से मदद जुटानी पड़ी। एसडीएम मानसिंह ने बताया कि आग बुझाने के लिए रामगंजमंडी की दमकल के साथ रावतभाटा व झालावाड़ से दो-दो, कोटा से तीन दमकल बुलाई गई थी। चार टैंकर एएसआई कंपनी के जुटे रहे। कोटा स्टोन उद्यमी रामभगत मोदी ने पानी के टैंकर के साथ एलएनटी मशीन भेजी।
दिन-रात एक
कोल्ड स्टोरेज में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए ४८ घंटे से भी अधिक मशक्कत करनी पड़ी। सातों दमकल के साथ आए कर्मचारियों के साथ कई लोग भी आग बुझाने में मदद करते रहे। दो रात व दो दिन इनके लिए बराबर रहे। कर्मचारियों के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर डटे रहे।
कृषि उपजमंडी में अवकाश
कोल्ड स्टोरेज में आग लगने के कारण धनिया व्यापारियों का नुकसान हुआ। व्यापारी भी कोल्ड स्टोरेज में जुटे रहे। इसके चलते कृषि उपजमंडी में सोमवार व मंगलवार का अवकाश रखा गया है। मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष फूलचंद डांगी ने बताया कि मंडी में अब बुधवार को कारोबार होगा।
पुलिस केस दर्ज
कोल्ड स्टोरेज में लगी आग के मामले में पुलिस केस दर्ज हुआ है। सीआई पीसी भास्कर ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज मालिक अनिल मित्तल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया है। इसमें बताया गया कि शॉर्ट सर्किट से कोल्ड स्टोरेज में आग लगी, जिससे नुकसान हुआ और उसमें रखा धनिया जल गया। सीआई भास्कर ने बताया कि नुकसान का अब आंकलन किया जाएगा। उसके बाद ही पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ है।
रात को ही हटाई बोरियां
कोल्ड स्टोरेज के ए ब्लॉक में शनिवार शाम को आग लगी थी। रविवार को बी ब्लॉक में से सुरक्षित निकाली गई धनिया की बोरियां कोल्ड स्टोरेज के सामने ही जमा दी गई। रात को आग बढकर बी ब्लॉक की ओर आ गई। इस पर वहां बाहर जमा बोरियों को जेसीबी मशीन से दूर हटाया गया। साथ ही चार दमकल से लगातार पानी डालकर आग पर काबू रखा गया।
व्यापारी जुटे धनिया छटनी में
आग से सुरक्षित निकाली गई धनिया की बोरियां कोल्ड स्टोरेज के पास ही जमा दी गई। इसके बाद व्यापारी बोरियों पर लगे मार्क के अनुसार अपनी बोरियां छाटने में व्यस्त हो गए। सोमवार शाम को मार्क के अनुसार बोरियों के अलग-अलग ढेर लगाए गए।