जयपुर. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी (आईआईटी ) जॉइंट एंट्रैंस एग्जाम (जेईई )का रिजल्ट सोमवार को घोषित किया गया। इस बार प्रियांक गुप्ता ने 25 वीं रैंक हासिल कर जयपुर टॉप किया है। 97.8 परसेंट के साथ सीबीएसई 12वीं में अजमेर रीजन टॉप करने वाले विनायक गगरानी 68 वीं रैंक के साथ दूसरे नम्बर पर रहे।
जयपुर के स्टूडेंट्स ने टॉप 100 में तो कुछ खास नहीं किया, लेकिन टॉप 1000 में पिछले साल के मुकाबले रैंक बढ़ गई हैं। जयपुर से 17 हजार स्टूडेंट ने एग्जाम दिया था। इनमें से लगभग 330 का सलैक्शन हुआ और सफलता 1.94 परसेंट रही है। जबकि पिछले साल जयपुर से 16 हजार 200 ने टैस्ट दिया था। इनमें से 225 का सलैक्शन हुआ था, तब सफलता 1.38 परसेंट रही थी। आईआईटी में इंजीनियरिंग की 6000 सीटें हैं और 3000 रैंक तक आईआईटी की अच्छी ब्रांच मिल जाएगी।
पिछले कुछ साल में गल्र्स के प्रदर्शन में भी काफी सुधार आ रहा है। रिजल्ट के रुझान पर एक्सपर्ट्स का मानना है जयपुर में इस बार रैंक कम होने से यहां के स्टूडेंट्स का स्कूलों पर ज्यादा ध्यान देना है। इस बार प्रैक्टिस के साथ रीडिंग हैबिट्स वाले स्टूडेंट्स को ज्यादा सफलता मिली है। क्योंकि इस बार एग्जाम में पिछले दो सालों का ट्रेंड तोड़ते हुए डायरेक्ट न्यूमेरिकल प्रश्न नहीं आए थे। पहले 60 प्रतिशत प्रश्न ऐसे आते थे। एक्सपर्ट्स के अनुसार आगे भी रीडिंग हैबिट्स रखने वाले स्टूडेंट्स को ही सफलता मिलेगी।
आईआईटी के टॉपर्स का टॉप सीक्रेट
विनायक गगरानी (68)
सीबीएसई 12वीं के एग्जाम में पूरा अजमेर रीजन टॉप करने वाले विनायक ने आईआईटी में भी 68 वीं रैंक हासिल की है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार विनायक ही जयपुर से ऐसे दूसरे स्टूडेंट हैं, जो टॉप 100 में जगह बना पाए हैं। विनायक के पिता कुंजबिहारी गगरानी इंवेस्टमेंट कंसल्टेंट हैं। मां सरोज गगरानी हाउस वाइफ हैं। वक्त मिलने पर शतरंज जरूर खेलता था।
सार्थक कालानी (108)
अपने सबसे कमजोर टॉपिक इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री को सबसे आखिर में तैयार किया और स्ट्रॉन्गर बनाया। पापा डॉ. प्रकाश कालानी वैटरनरी डॉक्टर हैं और मां मधु कालानी प्रिंसीपल हैं।
हर्षित मिया बजाज (109)
पहले अटैम्प्ट में कमजोर रहे टॉपिक्स को मजबूत बनाया। वे इलैक्ट्रिकल ब्रांच लेंगे। हालांकि उनकी फेवरेट ब्रांच कम्प्यूटर साइंस है। पिता मनमोहन मिया बजाज बिजनेसमैनहैं और मां नीलम मिया बजाज हाउसवाइफ हैं ।
प्राची जैन (118)
मैथ्स मेरी हमेशा से ही फेवरेट रही है। इसका फायदा मुझे आईआईटी जेईई में भी मिला है। 118 वीं रैंक के साथ अभी तक जयपुर में प्राची जैन लड़कियों में सबसे आगे हैं। उन्हें मां डॉ. प्रमिला जैन और पिता डॉ. प्रदीप जैन ने काफी मोटिवेट किया। सुबह 6:00 बजे उठ कर 5 बादाम खाना नहीं भूलती थी।
अभिषेक गंगवाल (131)
वे कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। पिता पारस गंगवाल बिजनेसमैन और मां ऊषा गंगवाल हाउसवाइफ हैं
दीप्ति गुप्ता (149)
दीप्ति का मानना है शिड्यूल बनाकर प्लांड स्टडी करने से काफी फर्क पड़ता है। मैं अपने लिए हर हफ्ते का लक्ष्य तय करती थी और उन्हें पूरा भी करती थी। पिता के.सी. गुप्ता पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में एईएन और मां प्रेमलता हाउस वाइफ हैं।
संचित जैन (163)
ग्लोबल एक्सपोजर के कारण संचित आईआईटी बॉम्बे जाना पसंद करेंगे, लेकिन वे अपनी पसंदीदा ब्रांच कम्प्यूटर साइंस में ही जाना चाहते हैं। पिता डॉ. बी.एल. जैनचैस्ट स्पेशलिस्टऔर मां डॉ. रेखा जैन गाइनीकोलॉजिस्ट हैं।
गौरव शर्मा (180)
गौरव इलैक्ट्रॉनिक्स में करिअर बनाना चाहते हैं। सेमी कंडक्टर्स में रुचि होने के कारण इलैक्ट्रॉनिक्स ब्रांच ही ऑप्ट करेंगे। पिता द्वारका प्रसाद शर्मा गवर्नमेंट सर्विस में और मां आशा शर्मा हाउस वाइफ हैं।
कार्तिक लखोटिया (166)
एग्जाम के वक्त पूरे आत्मविश्वास के साथ में पेपर में उतारा भी। मां मधु लखोटिया और पिता राजकुमार लखोटिया ने तो ध्यान दिया ही, लेकिन दादा प्रो. रत्नलाल लखोटिया ने कार्तिक को यह सिखाया कि लक्ष्य को कैसे पाया जाए। कार्तिक ने 10वीं में 92 और 12वीं मैं 94 परसेंट अंक हासिल किए थे। उन्हें पढ़ाई के साथ ही म्यूजिक सुनने और ड्राई फ्रूट्ट खाना पसंद है।
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