जयपुर. सांगानेर की सुभाष कॉलोनी में दूषित पानी के कारण बीमार दो वर्षीय बच्चे रेहान की सोमवार को मौत हो गई। पिछले तीन दिन से कॉलोनी में गंदा पानी आने से 50 से ज्यादा लोग उल्टी, दस्त तथा पीलिया का शिकार हो चुके हैं। उनमें से दो बच्चों को जेके लोन अस्पताल में तथा तीन लोगों को एसएमएस अस्पताल में रेफर किया गया।
ज्यादातर लोगों को नजदीक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। सांगानेर ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. वीपी शर्मा का कहना है कि जैसे ही बीमार लोग स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे तो गंदे पानी के बारे में जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित किया तथा लिखा भी गया, लेकिन तीन दिन से गंदा पानी जारी रही। इस बीच शाम को कलेक्टर कुलदीप रांका ने मौके पर जाकर अफसरों को टैंकरों से पानी सप्लाई करने व पानी के सैंपल लेकर जांच करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है पिछले पांच दिन में चार बच्चों की मौत गई है।
पहले ही दिन गंदा पानी आने के बाद लोगों ने जलदाय विभाग के सहायक अभियंता व एक्सईएन को समस्या बताई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेहान के पिता नसीम ने बताया कि दो दिन पहले ही गंदे पानी की वजह से घर में सभी बीमार हो गए। आसपास के घरों में भी यही सुनने को मिला। सुबह रेहान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। इलाज भी किया गया, लेकिन वो नहीं बच पाया।
जलदाय विभाग शुरू में ही कार्रवाई करता तो ये दिन देखने को नहीं मिलता। पीड़ित अरशद का कहना है कि कई दिन पहले भी नलों में गंदे पानी आया था। तब विभाग ने टैंकरों से पानी सप्लाई किया, लेकिन पाइपों की चेकिंग नहीं हुई। यहीं के फरमान का कहना है कि पानी पीने के कुछ समय बाद उसको उल्टी-दस्त शुरू हो गए। वह तीन दिन से बीमार है।
इस बीच, जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता पी.सी. गुप्ता का कहना है कि दूषित पानी की सप्लाई तथा लोगों के बीमार होने की जानकारी मिलने के बाद अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) को मौके पर भेजा गया। पानी के सैंपल लेकर जांच की जाएगी।
अंतिमा, रेहान के परिजनों को मुआवजा दें
शहर में दूषित पानी से हुई दो बच्चों की मौत के मामले में शहर की कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मृतक रेहान व अंतिमा के परिजनों को पृथक रूप से 50-50 हजार रु. मुआवजा दे। यह अंतरिम आदेश एडीजे क्रम-7 कोर्ट ने मृतक रेहान के पिता सुशील एवं अंतिमा के पिता राजेश के दावों पर सुनवाई करने के बाद दिया।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि जैसे सरकार ने जयपुर में हुए बम धमाकों के पीड़ितों को मुआवजा दिया है वैसे ही दूषित पानी के पीड़ितों को भी मुआवजा दिया जाए। वकील ए.के.जैन ने बताया कि लक्ष्मीनारायण पुरी में दूषित पानी से पिछले साल अंतिमा की व रेहान की मौत हुई थी। राज्य सरकार एवं पीएसईडी के खिलाफ फैटल एक्सीडेंट 1855 की धारा 1(ए) के तहत जिला न्यायालय में 61-61 लाख रुपए के दावे पेश किए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि बच्चों की मौत दूषित पानी की बजाय किसी और अन्य कारण से हुई है क्योंकि वह पानी का परीक्षण करने के बाद ही कॉलोनियों में उसकी आपूर्ति करती है। लेकिन कोर्ट ने राज्य सरकार का निर्देश दिया कि वह परिजनों को अंतरिम रूप से 50-50 हजार रु. का मुआवजा दे।