जालंधर. कपैरो-पीटीयू स्कूल ऑफ मैन्यूफैक्चरिंग एंड मैटीरियल टैक्नोलॉजी के लिए वर्ष 2007 में पंजाब टैक्निकल यूनिवर्सिटी व भारतीय मूल के एनआरआई लॉर्ड स्वराज पॉल की कंपनी कपैरो के बीच साइन हुए मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) को रद्द करने की प्रक्रिया ढीली चल रही है।
प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण पीटीयू इस साल भी स्कूल में विभिन्न कोर्सेस पर यूनिवर्सिटी स्तर पर दाखिले नहीं कर पाएगी। कपैरो व पीटीयू के बीच समझौते पर सहमति न बन पाने के कारण लगातार दूसरी बार स्कूल में नए सत्र के लिए दाखिले नहीं होंगे। उधर, असमंजस से गुजर रहे कुछ स्टाफ सदस्यों ने वेतन व अन्य सुविधाएं न मिल पाने के बावजूद फिलहाल पद से रिजाइन नहीं दिया है।
गौरतलब है कि कपूरथला रोड स्थित गांव खैरा मज्जा में भारतीय मूल के एनआरआई लॉर्ड स्वराज पॉल ने पीटीयू से संयुक्त प्रयास से 23 सितंबर, 2007 को उक्त स्कूल के पहले सत्र का शुभारंभ 90 विद्यार्थियों की भर्ती से किया गया था।
सुविधाओं के अभाव में इन विद्यार्थियों ने नवंबर 2007 में पहली बार स्कूल प्रबंधन के खिलाफ हड़ताल शुरू की थी। अप्रैल 08 में दूसरी बार अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव तेजिंदर कौर व स्कूल संचालन कमेटी के सचिव डीन डॉ. वीके अरोड़ा की कमेटी ने हस्तक्षेप करते हुए लॉर्ड पॉल से बात चलाई थी, जिसके बाद से स्कूल के विद्यार्थियों को डेविएट में शिफ्ट कर दिया गया था, जबकि स्कूल व कपैरो के बीच संबंध खत्म करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
तत्कालीन वीसी डॉ. एसके सलवान ने स्कूल को सत्र 2009 से पीटीयू द्वारा संचालित करने की घोषणा की गई थी। कपैरो-पीटीयू स्कूल संचालन कमेटी के सचिव व पीटीयू के डीन अकादमिक डॉ. वीके अरोड़ा ने बताया कि प्रक्रिया कानूनी नियमों के चलते जटिल साबित हो रही है।
कपैरो ग्रुप के साथ जरूरी तत्थों पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि इस सत्र से नहीं, संभवत अगले सत्र से इसे पीटीयू संचालित करेगा व दाखिले होंगे। स्टाफ सदस्यों का आरोप अभी भी बरकरार है कि उन्हें स्कूल संचालन कमेटी की तरफ से बनते पूरे लाभ नहीं दिए गए हैं, जिसके विरोध में वे कोर्ट जाने के लिए प्रयासरत हैं।
सदस्यों ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के चलते वे एक तरफा फैसला होने का इंतजार कर रहे हैं।