पानीपत. आईआईटी जेईई परीक्षा का परिणाम आ चुका है। सनातन धर्म विद्या मंदिर के सात विद्यार्थियों ने परीक्षा में बाजी मारी। स्कूल प्रशासन ने दावा किया है कि पहली बार किसी स्कूल के एक साथ सात बच्चों का चयन हुआ है।
खास बात यह है कि विद्यार्थियों ने पहले प्रयास में ही सफलता प्राप्त की। बारहवीं की परीक्षा में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। भावी इंजीनियर देश के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अपने प्रतिभा के बल पर देश का नाम विश्व के मानचित्र में ध्रुव तारा की तरह चमकाना चाहते हैं।
रक्षा क्षेत्र में नई टेक्नोलाजी विकसित करेंगे
आईआईटी में 1203 रैंक पाने वाले दिग्विजय देशवाल इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में बीटेक की डिग्री हासिल करना चाहते हैं। उसके बाद पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की तरह रक्षा के क्षेत्र में भारत को मजबूत करने की कोशिश करेंगे। दिग्विजय ने बारहवीं की परीक्षा में भी 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। दिग्विजय ने कहा कि राहुल प्रधानमंत्री होते तो बात कुछ और थी।
बमरोधी बिल्डिंग का निर्माण करेंगे
आईआईटी की परीक्षा में 6707 रैंक प्राप्त करने वाले गौरव किनरा आईआईटी के जरिए बी.एआरसीएच ज्वाइन करना चाहते। उसके बाद बिल्डिंग डिजाइन के क्षेत्र में जाना चाहता है। गौरव भारत में ऐसी बिल्डिंग का निर्माण करना चाहता है, जो बम धमाकों के बाद भी उसकी पुरानी सुंदरता कायम रहे। गौरव भी प्रधानमंत्री के पद पर राहुल गांधी को देखना चाहता है।
आईएएस बनकर करेंगे विकास
मोहित जैन का आईआईटी की एक्सटेंड मेरिट लिस्ट में चयन हुआ है। मोहित आईआईटी से डिग्री हासिल करने के बाद आईएएस बनना चाहता है। पिछड़े शहरों का विकास करके उसे मेट्रो सिटी बनाएंगे। बारहवीं की परीक्षा में मोहित ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
दुनिया की सबसे तेज दौड़ने वाली कार बनाएंगे
अंशुल मित्तल का चयन भी आईआईटी की ईएमएल में हुआ है। अंशुल मैकेनिकल ब्रांच में डिग्री हासिल करना चाहता है। आटोमोबाइल के क्षेत्र में भारत को नंबर वन का दर्जा दिलाने का दावा करने वाले अंशुल ने कहा कि वह ऐसी कार बनाना चाहते है जो पूरी दुनिया में सबसे तेज दौड़ती हो। बारहवीं में अंशुल को 81 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर बनाऊंगा
आईआईटी की ईएमएल लिस्ट में नाम दर्ज कराने वाले सुधेंधु महाजन ने बताया कि वह दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर बनाना चाहता है। ऐसा कंप्यूटर जो छोटी से चिप्स के बराबर हो। बारहवीं में सुधेंधु ने 85 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
गरीब प्रतिभाओं को आगे लाऊंगा
आईआईटी में 64वीं रैंक हासिल करने वाले नीरज कादियान ने कहा कि इलेक्ट्रानिक्स ब्रांच से इंजीनियरिंग करने के बाद वह आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला चाहते है।
उसके बाद वह एक ऐसा स्कूल खोलना चाहते है जो सिर्फ गरीब बच्चों के लिए होगा। उसकी सारी सुविधाएं पब्लिक स्कूल की तरह होगी। स्कूल में गरीब प्रतिभाओं को निखारने के लिए जी तोड़ मेहनत की जाएगी, ताकि सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाएं दम न तोड़ें।