हम हैं भविष्य के आईआईटियंस
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हम हैं भविष्य के आईआईटियंस

रायपुर । देश के टाप आईआईटी (इंडियन इंस्टीटच्यूट आफ टेक्नोलाजी) संस्थानों की परीक्षा में इस बार रायपुर से दर्जनभर से ज्यादा छात्रों ने बाजी मारी है। इसमें तीन लड़कियां भी शामिल हैं। सीबीएसई में रायपुर से टॉप करने वाले शंकरनगर के सुदीप्तो मजूदमदार ने आईआईटी में भी अपना वर्चस्व कायम रखा है।

सुदीप्तो को चेन्नई जोन में अंडर हंड्रेड और ऑल इंडिया रैंकिंग में 213 वां स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा शास्वत गोपाल, शिखर खन्ना और निलेश बानी को 1000 के अंदर रैंक मिली हैं। पिछले साल की बात करें तो रायपुर से पांच लड़कों का ही आईआईटी में सलेक्शन हुआ था।

परीक्षा इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 18 तक पहुंच गया है। चुनी गईं तीन लड़कियों में पूजा दुबे, भाग्यश्री नायक व खुशबू भी शामिल हैं। आईआईटी के रिजल्ट की घोषणा सुबह हो गई थी। रिजल्ट जानने इंटरनेट कैफे में सुबह 9 बजे से ही भीड़ उमड़ने लगी।

शहर के तमाम क्षेत्रों में इंटरनेट का सर्वर डाउन होने से छात्रों को खासी तकलीफ हुई। ज्यादातर छात्रों को रिजल्ट का पता दोपहर बाद लगा। रायपुर से टापर सुदीप्तो मजूमदार के एरोस्पेस इंजीनियर बनने का सपना अब साकार होने जा रहा है।

वह पवई या दिल्ली के संस्थान में एरोस्पेस इंजीनियर में एडमिशन लेना चाहता है। सुदीप्तो ने बताया कि उन्होंने शुरू से सिर्फ पंचुअल्टी पर ध्यान दिया है। यह जरूरी है। रायपुर से पहले कभी इतने छात्रों का आईआईटी में सलेक्शन नहीं हुआ। इस बार लड़कियां भी यहां से सलेक्ट हुई हैं।

ये हैं सलेक्टेड

सुदीप्तो मजूमदार 213

शिखर खन्ना 622

शास्वत गोपाल 336

नीलेश बानी 537

अतुल चतुर्वेदी 830

जीवीए धारणण 1385

गुंजन चंद्राकर 1444

किंक्षुक शर्मा 1809

राघव सिंघानिया 2200

रोहित उत्तमानी 2923

सिद्धार्थ जैन 6440

सिद्धार्थ खंडेलवाल 2018

अभिषेक संघाणी 3४७९

अरविंदम दास गुप्ता

खुशबू सुराना 4500

भाग्श्री नायकपूजा दुबे 1500

नयन चौधरी 3316

रैंक मिलना ही महत्वपूर्ण

छत्तीसगढ़ राज्य में आईआईटी-जी प्रवेश परीक्षा के लिए ६-७ परीक्षा केंद्र मात्र स्थापित किए जाने हैं। अनुमान है कि तकरीबन चार हजार बच्चे इस परीक्षा में भाग लेते हैं। जहां एक ओर राज्य इंजीनियरिंग एवं एआईट्रीपलई में लगभग २७क्क् बच्चे भाग लेते हैं।

स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ राज्य में बच्चों में आईआईटी-जी चयन के प्रति उत्साह एवं रुझान तुलनात्मक दृष्टि से कम है।

इस वर्ष भी कुछ चुनिंदा बच्चों का चयन आईआईटी संस्थान के लिए हुआ लेकिन उच्च रैंक (२५क्क् से ज्यादा) प्राप्त करने वाले बच्चे गिनती मात्र ही हैं। देशभर से करीब पांच लाख बच्चे आईआईटी-जी प्रवेश परीक्षा में भाग लेते हैं।

ऐसे में अगर किसी बच्चे को पीछे का रैंक मिले, तो भी वो तारीफ के काबिल है। अगर बच्चे को अंतिम ७८क्क् वां रैंक भी मिला हो और कोर ब्रांच की जगह अन्य भी जैसे स्पेस, माइनिंग आदि मिले तो भी उसे स्वीकार करना चाहिए।

आईआईटी ब्रांड की वजह से अच्छे करियर विकल्प भी मिल सकते हैं। अजीत वरवंडकर, डायरेक्टर, अगलाकदम डाट कॉम



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