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Himachal Pradesh
Baki Himachal Baki Himachal धर्मशाला। प्रदेश की मुख्य सचिव आशा स्वरूप ने जिला कांगड़ा के राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में पिछड़ने व राजस्व रिकार्ड कम्प्यूटराइजेशन के निर्धारित लक्ष्य को 30 जून 2009 तक पूर्ण न करने पर कड़ा संज्ञान लिया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि अब राजस्व रिकार्ड के कम्प्यूटराइजेशन के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए सरकार तिथि निर्धारित नहीं करेगी, बल्कि राजस्व अधिकारी अपनी-अपनी सुविधानुसार इन तिथियों को निश्चित कर राजस्व रिकार्ड का पूर्ण कम्पयूटराइजेशन करेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 1990 में जिला कांगड़ा के भू-राजस्व रिकार्ड को ऑनलाइन करने के प्रयास आरंभ हुए थे, लेकिन 19 वर्षो के लंबे अंतराल में 93 लाख रुपए खर्च करने के बावजूद जिले के 3908 गांवों को इस योजना के तहत लाने का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पाया है।
प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को 30 जून 2009 तक जिला के समस्त गांवों का राजस्व रिकार्ड ऑनलाइन करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन जिला कांगड़ा में पटवारियों के रिक्त पड़े पदों व कम्प्यूटर अनुदेशकों की कमी के चलते निर्धारित लक्ष्य निश्चित समयावधि में पूर्ण होने में संशय है।
वर्तमान में जिला के 3908 गांवों में से 2800 का रिकार्ड कम्प्यूट्राइज्ड हो पाया है, जबकि जमाबंदियां प्रिंट की जा रही हैं।
जिला कांगड़ा में अब तक मात्र 2 तहसीलों शाहपुर व ज्वालामुखी के गांवों का ही डॉटा कम्प्यूट्राइजड हो पाया है, जबकि कांगड़ा तहसील के अंतर्गत आते 360 गांवों में से 204 गांवों का राजस्व रिकार्ड अभी तक कम्प्यूटराइज्ड नहीं हो पाया हैे।
नरेगा में अनियमितताओं का शीघ्र करें निदान : राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में दिन- प्रतिदिन अनियमितताओं की बढ़ रही शिकायतों के शीघ्र निदान व पंचायत स्तर पर बिना योजना के संचालित विकास कार्यो को तत्काल बंद कर योजना निर्धारित कर विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाए।
केंद्र द्वारा निर्धारित मापदंडों पर जिला कांगड़ा के पिछड़ने पर मुख्य सचिव आशा स्वरूप ने अधिकारियों को भविष्य में निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण करने को तरजीह देने के आदेश दिए। सोमवार को जिला कांगड़ा में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए आशा स्वरूप ने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर कृषि एवं बागबानी विभाग से सेवानिवृत्त हुए विशेषज्ञ अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवाएं लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश जारी किए, जिससे योजनाएं प्रभावशाली बनें और लोगों को इनका लाभ मिल सके।
आशा स्वरूप ने कहा कि राजस्व रिकार्ड को लोगों की जानकारी के लिए कम्प्यूटर पर उपलब्ध करवाने के लिए सितंबर 2009 तक सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर राजस्व रिकार्ड को आम जनता की सुविधा के लिए कम्प्यूट्रीकृत करके ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
डीसी कांगड़ा कमलेश कुमार पंत ने मुख्य सचिव को जिला की राजस्व रिकार्ड से संबंधित समस्याओं से अवगत करवाते हुए राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने का आग्रह किया।