मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स बाजार की भले ही कुछ कहानी कहता हो, मिडकैप और स्मालकैप शेयरों में जबर्दस्त खरीदी का दौर चल रहा है। बीएसई सेंसेक्स में जहां केवल 0.19 फीसदी (26.07 अंक) की बढ़त हुई है, वहीं मिडकैप इंडेक्स में 5 फीसदी और स्मालकैप इंडेक्स 2.83 फीसदी बढ़ा। लार्जकैप शेयरों में रेनबैक्सी के शेयरों में सोमवार को 20 फीसदी का उछाल दिखाई दिया।
स्मालकैप की कुल 466 कंपनियों में से 413 कंपनियों के शेयरों में तेजी थी। अगर हम एक महीने पहले 24 अप्रैल से तुलना करें तो स्मालकैप इंडेक्स 42 फीसदी बढ़ चुका है। मिडकैप इंडेक्स की कंपनियों में से 171 कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी बढ़त थी।
अगर एक महीने पहले के स्तर से तुलना करें तो मिडकैप इंडेक्स में 35 फीसदी की बढ़त हो चुकी है। लार्जकैप में रीयल एस्टेट, मेटल और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी निकली, लेकिन सेंसेक्स बढ़त बरकरार नहीं रख सका।
क्या हुआ बाजार में?
बीएसई सेंसेक्स 13,988.10 पर खुलने के बाद 14,000 का निशान पार कर गया था लेकिन बाद में 13,913.22 पर बंद हुआ। उस समय तक 26.07 अंक की बढ़त सेंसेक्स में दिखाई दी।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रीयल एस्टेट और हेल्थ केयर कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीद निकली थी। एनएसई निफ्टी 4238.10 पर खुलने के बाद 4270.05 की ऊंचाई तक चला गया था, बाद में 4237.55 अंक पर बंद हुआ।
विश्व बाजार में अस्थिरता
भारती के दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एमटीएन में हिस्सेदारी खरीदने की खबरें आने के बाद उसके शेयर में 6 फीसदी गिरावट आ गई। शेयर बाजार में अस्थिरता का माहौल है। बाजार लाभ और हानि के बीच झूल रहा है। यूरोप के शेयर बाजार पहले मुनाफा दिखाने के बाद घाटे में बंद हुए।एशिया में जापान के निक्की 225 में 1.31 फीसदी का इजाफा हुआ। दक्षिण कोरिया में भी कोप्सी इंडेक्स में 0.2 फीसदी की गिरावट दिखाई दी है। अमेरिका के शेयरों में शुक्रवार को गिरावट थी, क्योंकि वहां कर्ज की लागत छह महीने की ऊंचाई पर आ गई थी।
अंकगणित
13,887.15 अंक पर बीएसई सेंसेक्स बंद हुआ। एक समय सेंसेक्स 14,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर गया था।
26.07 अंक के मुनाफे में सेंसेक्स बंद होने के पहले उच्चतम स्तर से देखा जाए तो यह करीब 115 अंक की बढ़त दिन में ले चुका था।
4237.55 अंक पर एनएसई निफ्टी बंद हुआ लेकिन यह स्तर पिछले बंद के मुकाबले ऋणात्मक था।