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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. छत्तीसगढ़ की जेल में लगभग दो वर्षो से बंद डॉक्टर बिनायक सेन को मंगलवार की शाम जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्हें सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। बिनायक सेन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों की मदद करने का आरोप लगाया था। उन्हें इस आरोप में जेल में लगभग दो साल गुजारने पड़े।
जेल से निकलने के बाद बिनायक सेन काफी खुश दिख रहे थे। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने कहा कि वे बाहर आकर बेहद खुश हैं और जेल के अंदर बिताए गए तनावपूर्ण समय ताजिंदगी याद रहेगी। जेल के बाहर उनके परिवार के सदस्य और समर्थक काफी संख्या में मौजूद थे। उनकी पत्नी के अनुसार सेन की रिहाई से आखिरकार न्याय की जीत हुई है।
डॉक्टर सेन ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार करते हुए कहा है कि वो नक्सलियों का साथ नहीं देते लेकिन राज्य सरकार की लोगों पर की जा रही ज्यादतियों का विरोध करते रहे हैं।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू और दीपक वर्मा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि डॉ. सेन को निजी मुचलके पर स्थानीय अदालत से जमानत दे दी जाए।