शिमला. वित्तीय संकट से जूझ रहा नगर निगम आय बढ़ाने के लिए दूसरे राज्यों की तर्ज पर शहर में यूनिट एरिया मैथेड के आधार पर टैक्स उगाही करेगा। निगम के डिप्टी मेयर हरीश जनारथा ने बताया कि सरकार की सेल्फ ऑक्यूपाइड एरिया में दी गई 100 वर्गमीटर की टैक्स छूट की शर्त खत्म हो जाएगी। भवन मालिक को खुद के लिए प्रयोग होने वाली एक इंच जगह पर भी हाउस टैक्स देना होगा।
भवन मालिक बंटवारे से भी टैक्स से नहीं बचेगा। टैक्स उगाही के लिए नया मैथड लागू होने से नगर निगम में शामिल नए एरिया को मिलाकर करीब 15 हजार और भवन मालिकों के अलावा चार हजार फ्लैट मालिक भी पहली बार हाउस टैक्स के दायरे में आएंगे। इससे नगर निगम को सालाना करीब 4 करोड़ की अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
शहर में यूनिट एरिया मैथेड लागू होने के बाद पूरे परिवार को हाउस टैक्स देना होगा। अभी भवन मालिक टैक्स से बचने के लिए हर फ्लोर की अपने बेटे, पत्नी, बहन या भाई के नाम रजिस्ट्री कर देता है। इससे चार या इससे अधिक हिस्सेदार होने के बाद परिवार के हर सदस्य के हिस्से में100 स्क्वेयर मीटर से कम जगह आती है और वह सरकार द्वारा टैक्स में दी गई छूट की शर्त के तहत आता है। इस कारण नगर निगम चार मंजिला भवन पर भी हाउस टैक्स नहीं वसूल पाता है।
उदाहरण के लिए एक व्यक्ति का चार मंजिला भवन है। इसका एरिया 400 स्क्वेयर मीटर बनता है, लेकिन नगर निगम सेल्फ अक्यूपाइड एरिया के तहत सौ स्क्वेयर मीटर पर छूट देकर सिर्फ 300 स्क्वेयर मीटर पर ही टैक्स उगाही करता है। इसमें भी व्यक्ति को 50 फीसदी और छूट मिलती है, लेकिन भवन मालिक हाउस टैक्स से बचने के लिए बकाया जगह को परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर कर देता है। इससे हर सदस्य सेल्फ अक्यूपाइड एरिया में दी गई छूट का लाभ पा जाता है।