शिमला. प्रदेश में विकलांगों को अब निजी क्षेत्र में भी नौकरी में आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार की पहल पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने कुछ निजी कंपनियों ने बात की है। इन कंपनियों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। निजी क्षेत्र में विकलांगों को नौकरी में आरक्षण देने वाला हिमाचल पहला राज्य होगा।
अभी तक सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों में विकलांगों को तीन फीसदी आरक्षण मिलता है। इसके अंतर्गत 1048 विकलांगों को नौकरी दी जा चुकी है। छह पद तो अकेले शिक्षा विभाग में भरे गए हैं। इसके अलावा विभाग और शिक्षा विभाग ने विकलांग बच्चों को विशेष छात्रवृत्ति देने का फैसला किया है। यह पहली कक्षा से पीजी तक मिलेगी।
राज्य में सर्वशिक्षा अभियान के तहत अक्षम बच्चों की शिक्षा के लिए खास कार्यक्रम चल रहे हैं। ऐसे 23111 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश में 66,932 विकलांग हैं। इनमें एक वर्ष के 126, एक से छह तक के 1872, छह से 11 तक के 4491, 11 से 18 के 8462 और 18 वर्ष से अधिक के 51,961 लोग हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी का कहना है कि विकलांगों के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही हैं।