चुनावी छाया से अछूता नहीं होगा नगर निगम का बजट
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चुनावी छाया से अछूता नहीं होगा नगर निगम का बजट

भोपाल. महापौर सुनील सूद अपने कार्यकाल का अंतिम बजट 29 मई को नगर-निगम परिषद की बैठक में पेश करेंगे। इस साल के आखिर में परिषद के चुनाव भी होने हैं, इसलिए यह चुनावी बजट माना जा रहा है। इसमें घोषणाओं की भरमार तो होगी ही, साथ ही नए करों के बोझ से भी राहत देने की कोशिश होगी। अनुमान है कि कुल आठ अरब का यह बजट 50 करोड़ से कुछ अधिक के घाटे का होगा।

ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव की छाया बजट प्रावधानों पर साफ नजर आएगी और घाटे की भरपाई के लिए नए कर का प्रावधान नहीं होगा। गौरतलब है कि गत विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भोपाल शहर में कांग्रेस को अपेक्षित कामयाबी नहीं मिली। वह इस बार निगम परिषद पर अपना दोबारा कब्जा जमाए रखना चाहेगी। इस नजरिए से नए कर लगाने के जोखिम से भी वह बचेगी। यही कारण है कि बजट में भरपूर घोषणाएं रहेंगी। इन जरुरतों को केंद्र में रखकर महापौर का बजट भाषण तैयार हो रहा है। इस काम में चुनिंदा पार्षद और निगम के सेवानिवृत अफसर जुटे हैं।

कांग्रेस की कोशिश बजट के माध्यम से शहर में अपनी पैठ मजबूत करने की है। इसी मकसद से सूखा राहत मद में 30 करोड़ का प्रावधान और पानी की परेशानी के मद्देनजर जगह-जगह ट्यूबवेल खनन किया जा रहा है ।

क्या-क्या करना चाहेंगे

भोपाल को मेट्रो सिटी का लुक देने के नजरिए से फ्लाई ओवर, सब-वे, अंडरब्रिज, फुट ब्रिज आदि पर फोकस किए जाने का अनुमान है। झुग्गी बस्तियों को नए मकान, मलिन बस्तियों में पर्यावरणीय सुधार तो शहर में नए स्थानों पर हॉकर्स कार्नर एवं पार्किग स्थल विकसित करने की घोषणा संभावित है। न्यूमार्केट की तर्ज पर अन्य व्यवसायिक क्षेत्रों को नो-व्हीकल जोन बनाने का प्रस्ताव भी सामने आ सकता है।

पुराने शहर में पेयजल की जर्जर पाइप लाइनों को बदलना, नई पानी की टंकियों का निर्माण, पेयजल वितरण व्यवस्था में सुधार बजट के आकर्षण हो सकते हैं। इसी तरह जनभागीदारी के तहत व्यावसायिक संस्थानों के सहयोग से पार्को का सौंदर्यीकरण, जर्जर भवनों को तोड़कर बहुउद्देश्यीय उपयोग करना, शाला भवनों में सुधार और नए खेल मैदान की सौगातें भी मिल सकती हैं।

वहीं जेएनयूआरएम, एडीबी और नर्मदा आवर्धन योजना समेत अन्य विकास कार्यो को अमल में लाने को लिए गए करीब 800 करोड़ रुपए के कर्ज अदायगी की भरपाई के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बजट पूर्व चर्चा है। नेशनल अकाउंट्स मैन्युअल के आधार पर तैयार बजट में विभागवार राशि के बदले मदों को रेखांकित किया जाना बताया गया है।



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