डिमांड बढ़ते ही चढ़े रेट
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डिमांड बढ़ते ही चढ़े रेट

ग्वालियर. महानगर में जैसे ही सीमेंट की डिमांड बढ़ी, इसके दाम फिर बढ़ गए। आलम यह है कि केवल पांच माह में सीमेंट की एक बोरी पर 60 रुपए का उछाल आया है। दिनोंदिन बढ़ रहे दामों के बावजूद सीमेंट की डिमांड बरकरार है। महानगर के बाजार में सीमेंट आसानी से उपलब्ध नहीं है।

इसका कारण चुनाव खत्म होने के बाद शुरू हुए सरकारी निर्माण कार्य बताया जा रहा है। सीमेंट के दाम बढ़ाने में सरकारी योजनाओं की खास भूमिका रही है। जनवरी में महानगर के बाजार में सीमेंट की बोरी का दाम 190 रुपए था। इसी दौरान उत्तरप्रदेश सरकार की सौ दिवसीय कार्य योजना शुरू हुई और निर्माण कार्य तेज होने के साथ ही सीमेंट की डिमांड बढ़ी और ग्वालियर आने वाला सीमेंट सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के जिलों में 210 रुपए के भाव से बिकने लगा।

आचार संहिता ने गिराए दाम: उत्तरप्रदेश सरकार की घोषणा के साथ ही मध्यप्रदेश में भी सौ दिवसीय कार्य योजना के काम तेज हो गए और मार्च आते-आते सीमेंट की बोरी का थोक भाव 250 रुपए तक पहुंच गया। इसी बीच लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता की घोषणा हो गई और सरकारी कामों पर रोक लग गई। इसके साथ ही सीमेंट की बोरी के दाम 228 रुपए पर आ गए। मांग बढ़ी तो कम हो गया माल:चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के साथ जैसे ही सरकारी निर्माण कार्र्यो की शुरुआत हुई, सीमेंट की डिमांड बढ़ गई। उधर दाम कम होने के कारण कंपनियों ने माल भेजना कम कर दिया। बढ़ी हुई मांग और उसके बराबर उपलब्धता न होने के कारण सीमेंट की बोरी के दाम 245 रुपए हो गए।

फिलहाल शहर में सीमेंट की थोड़ी कमी है। इस समय सीमेंट की बोरी का दाम 245 रुपए है। मालभाड़ा अलग है। -ए.तालुकदार, डीजीएम,माईसेम सीमेंट

सीमेंट की डिमांड बढ़ने के कारण कंपनियों ने रेट बढ़ा दिए हैं। साथ ही माल की आवक कम होने से सीमेंट की कमी भी है। -हितेश अग्रवाल, सीमेंट, व्यवसायी



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