हिमाचल प्रदेश आठवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम में भी हमीरपुर के छात्रों ने बाजी मार कर एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता का परचम लहराया है। वहीं घुमारवी और नाहन के छात्रों ने भी अपनी उपस्थिति का लोहा मनवाया है।
पांचवी में भी ब्लॉक में था तीसरा स्थान
बड़सर:
लीटल एंजल स्कूल मैहरे के छात्र रिशव जसवाल कैमिकल इंजीनियर बनना चाहता है। रिशव रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करता है। पांचवी में भी उसने ब्लॉक मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया था। स्कूल की प्रिंसिपल डिंपल कपिल ने छात्र को उपलब्धि पर बधाई दी है।
- रिशव जसवाल, प्रदेश में चौथा रैंक, अंक 670
पायलट बनना चाहता है अनीश
च्च्बिझड़ी :
किडवडस पब्लिक स्कूल के छात्र अनीश ने मेरिट में 666 अंकों के साथ छठा स्थान हासिल किया है। उसका सपना पायलट बनना है। पिता स्वरुप शर्मा सब पोस्ट मास्टर है और माता मीरा देवी जेबीटी टीचर है। उन्होंने कड़ी मेहतन से सफलता हासिल की है।
- अनीश शर्मा, प्रदेश में छठा रैंक, अंक : 666
भगवान और अपनी मेहनत पर था विश्वास
च्च्बिझड़ी :
किडवडस पब्लिक स्कूल की छात्रा अंकिता का सपना डाक्टर बनने का है। पिता सतीश कुमारी नेवी से सेवानिवृत है। माता बीना देवी गृहणी है। अंकिता कहती है कि भगवान और मेहनत पर विश्वास हो तो सफलता हासिल की जा सकती है।
- अंकिता अग्निहोत्री, प्रदेश में सांतवां रैंक, अंक :665
मकैनिकल इंजीनियर बनना चाहता है अंशुल
बड़सर:
ब्राइट सन मॉडल स्कूल मैहरे का छात्रा अंशुल ने मेरिट में दसवां स्थान हासिल किया है। वह मकैनिकल इंजीनियर बनना चाहती है। पिता किशन चंद कॉलेज लैक्चरर हैं। माता ऋतुवाला गृहणी है। वह टयूशन में विश्वास नहीं रखती।
- अंशुल, मेरिट में प्रदेश भर में दसवां, स्थान
डाक्टर बनना चहता है रितेश
च्च्नादौन : डीएवी पब्लिक स्कूल भड़ोली(नादौन) के छात्र रितेश शर्मा ने डाक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहता है। पिता त्रिलोक नाथ ने बेटे की सफलता पर खुशी जताई है। रितेश ने माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय दिया है। स्कूल के प्रिंसिपल आर.एस. राणा ने रितेश को उसकी उपलब्धि पर बधाई दी है।
- रितेश, प्रदेश में आठवां रैंक, अंक : 664
कड़ी मेहनत और देश सेवा का सपना
घुमारवीं स्थित सरस्वती विद्या मंदिर की अंकिता शर्मा ने प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया है। निहारी गांव में पिता विनोद सागर शर्मा तथा माता नीलम शर्मा के घर जन्मी अंकिता का सपना है कि वह कड़ी मेहनत कर बड़ी होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में भर्ती होकर देश की सेवा करने का है।
- अंकिता शर्मा, मेरिट में प्रदेश भर में छठा स्थान
अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती है दीपाली
च्च्बिलासपुर :
700 में से 661 अंक लेकर दीपाली सोनी का सपना अंतरिक्ष यात्री बनना है। सरस्वती विद्या मंदिर कन्या निहाल की छात्रा दीपाली के पिता डॉ सुरेश सोनी पीजी कॉलेज बिलासपुर में प्रवक्ता हैं तथा मता सुमनलता टीजीटी टीचर है।
- दीपाली सोनी, मेरिट में प्रदेश भर में दसवां स्थान
दीक्षा और पुनीत ने किया नाम रौशन
च्च्ऊना : डीएवी मैहतपुर की स्टूडेंट्स दीक्षा ठाकुर तथा मैहतपुर के पुनीत सागा ने 92.4 फीसदी नंबर लेकर अव्वल स्थान पाया है। डीएवी सेंटेनरी के कार्यकारी प्रिंसिपल पीके धीमान ने बताया कि अंकुश शर्मा ने 92.2 फीसदी अंक लेकर दूसरा तथा मोनिका शर्मा व श्रेया पुरी ने 91.2 फीसदी अंक लेकर तीसरा स्थान अर्जित किया।
- दीक्षा और पुनीत, 92.4 और 92.2 फीसती अंक लेकर अव्वल
मेरिट सूची
स्थान नाम स्कूल 700 में से प्राप्त अंक
प्रथम धीरज विजन कॉनवेंट स्कूल घुमारवीं बिलासपुर 674
प्रथम विक्रांत गुलेरिया सावित्री पव्लिक हाई स्कूल हमीरपुर 674
प्रथम साहिल चावला एआईएम पव्लिकसीसे स्कूल हमीरपुर 674
दूसरा वर्षा गोयल डीएवी पव्लिक स्कूल ददाहू सिरमौर 672
तीसरा अजय नायक व्लू स्टार सीसे पल्विक स्कूल हमीरपुर 671
चौथा रिशभ जसवाल लिटल एन्जलस प. स्कूल मैहरे हमीरपुर 670
चौथा हरदीप एस विद्या निकेतन प. स्कूल नाहन 670
पांचवां क्षितिज व्लू स्टार सीसे पव्लिक स्कूल हमीरपुर 667
छठा अनीष शर्मा किड बडस प.सीसे स्कूल हमीरपुर 666
सातवां अंकिता अगिनहोत्री ,, 665
सातवां अंकिता शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर हाई एस. घुमारवीं 665
आठवां रितेश शर्मा डीएवी सीसे प. स्कूल भड़ोली कांगड़ा 664
नौंवां अनमोल एस विद्या मंदिर हाई स्कूल बैजनाथ 662
दसवां दीपाली एसवीएम गल्र्स हाई स्कूल लोअर निहाल 661
दसवां अंशुल कुमार ब्राइट सॅन सीसे स्कूल मैहरे हमीरपुर 661
टॉप टेन में 8 हमीरपुर से
हमीरपुर. आठवीं की मेरिट में हमीरपुर जिले के निजी स्कूलों ने बाजी मारी है। 10 में से आठ रैंकों पर छात्रों ने कब्जा किया है। जबकि सरकारी स्कूल इस बार फिर फिसड्डी साबित हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल माने जाने वाले इस जिला ने एक बार फिर अपनी उपलब्धि साबित कर दी है। प्रदेश में हमीरपुर से दो छात्रों ने मेरिट में एक ही स्थान पर टॉप किया है।
सच्ची लगन का फल
आठवीं का टॉपर विक्रांत आठवीं कक्षा में प्रदेश भर में अव्वल रहे विक्रांत गुलेरिया आईएएस बनना चाहता है। सवित्री पब्लिक हाई स्कूल के छात्र विक्रांत ने 674 अंक लेकर अभिभावकों और स्कूल का नाम रोशन किया है। विक्रांत कहते हैं अगर सची लगन से मेहनत किया जाए, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। वह रोजना स्कूल के अलावा पढ़ाई को 4 घंटे देता है। अपनी कामयाबी का श्रेय सबसे पहले भगवान को और फिर माता-पिता और टीचर्स को दिया। पेटिंग और किताबें पढ़ना उसकी हॉवी है।
10वीं में टॉप करने का लक्ष्य
आठवीं कक्षा में प्रदेश भर में अव्वल ऐम पब्लिक स्कूल का छात्र साहिल चावला इसी तर्ज पर दसवीं कक्षा में भी टॉप करना चाहता है। उसका सपना है कि वह जिस सब्जेक्ट में सबसे च्यादा अंक लेगा, उसी के तहत वह अपना लक्ष्य निर्धारित करेगा। स्कूल के अलावा वह पढ़ाई को आठ घंटे का समय देते हैं। उसकी हॉवी किक्रेट खेलना है।
पेंटर पिता का सपना पूरा
ब्लू स्टार सीनियर सकेंडरी स्कूल के छात्र अजय नायक ने आठवीं की मेरिट में तीसरा रैंक हासिल कर गरीब पेंटर बाप का सपना पूरा कर दिखाया है। अजय का परिवार उड़ीसा का रहने वाला और पिछले 25 सालों से उनके पिता बलदेव नायक हमीरपुर में पेंटर के रुप में काम कर रहे हैं। अजय रोजाना 6 घंटे पढ़ाई करते हैं। पिता आर्थिक तंगी के बाबजूद दो बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अजय सॉप्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं।
अंतरिक्ष को जानने की तमन्ना
ब्लू स्टार सीनियर सकेंडरी स्कूल के छात्र अजय नायक ने आठवीं की मेरिट में तीसरा रैंक हासिल कर गरीब पेंटर बाप का सपना पूरा कर दिखाया है। अजय का परिवार उड़ीसा का रहने वाला और पिछले 25 सालों से उनके पिता बलदेव नायक हमीरपुर में पेंटर के रुप में काम कर रहे हैं।
8वीं कक्षा हमारे शैक्षणिक ढांचे का है आधार
प्रो. सीएल गुप्त. धर्मशाला
आठवीं कक्षा हमारे शैक्षणिक ढांचे का आधार है। पहली बोर्ड परीक्षा होने के साथ-साथ यहां छात्रों को अपनी प्रतिभा का आभास होता है, जिसे भविष्य में बेहतर स्वरूप प्रदान किया जा सकता है। प्रदेश में सबसे ज्यादा मिडल स्कूल सरकारी होने के बावजूद किसी भी सरकारी स्कूल के छात्र का मैरिट लिस्ट में स्थान न बना पाना वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था पर सवाल करता है।
यहीं से आधार बनाकर अधिकांश छात्र मैट्रिक व जमा दो की मैरिट में स्थान बनाते हैं। सरकारी शिक्षण संस्थानों के परिणामों पर चिंतन व विश्लेषण करना होगा। काफी कमी समय में सभी परिणाम घोषित करना एक उपलव्धि है, लेकिन इसी के साथ इन परिणामों का विश्लेषण करना भी शिक्षा बोर्ड का नैतिक दायित्व है। शिक्षा में गुणवत्ता के लिए शिक्षा बोर्ड व शिक्षा विभाग को संयुक्त प्रयास करने होंगे, तभी कामयाबी संभव है। (लेखक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन हैं।)
मेरिट में सिरमौर भी रहा सिरमौर
आठवी कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणामों में एसवीएन स्कूल नाहन के हरदीप ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल कर नाहन का नाम ऊंचा किया है। सीबीएसई के परिणामों से रोशन हुआ नाहन सीबीएसई के दसवीं कक्षा के घोषित परिणामों में डीएवी स्कूल नाहन का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। परीक्षा में स्कूल के 43 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से छह ने 90 फीसदी से ऊपर अंक हासिल किए। सौम्या पंत ने 95 फीसदी अंक हासिल कर पहला, आयुष अग्रवाल ने 94.2 फीसदी अंक हासिल कर दूसरा और पराग वर्मा ने 92 फीसदी अंक हासिल कर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रिंसिपल नरेश कटोच ने भी बधाई दी।