भोपाल. मानसून की आहट के बीच राज्य सरकार के आधा दर्जन विभागों में भारी बारिश और बाढ़ से निपटने के उपायों पर तैयारी की समीक्षा बैठक मंगलवार को पंद्रह मिनट में निपट गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव राकेश साहनी की जगह अपर मुख्य सचिव विनोद चौधरी ने की। बैठक में सेना, पुलिस, मौसम और सरकारी मीडिया के अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्य सचिव श्री साहनी की व्यस्तता के चलते अपर मुख्य सचिव श्री चौधरी ने समीक्षा की। इसके लिए दो घंटे निर्धारित थे, लेकिन 15 मिनट में ही बैठक खत्म हो गई। परिवहन विभाग से प्रदेश के 350 बाढ़ संभावित पुल-पुलियाओं पर बैरियर लगाने, पुरानी बसों पर नियंत्रण रखने और वाहनों में ओवर लोडिंग पर अंकुश लगाने को कहा गया। राजस्व विभाग को बताया गया कि सभी कलेक्टरों से बाढ़ की आशंका से निपटने का प्लान बनाने के लिए कहा जाए।
नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देश दिए गए कि नालों और नालियों की बारिश पूर्व सफाई कराई जाए। नर्मदा घाटी और जल संसाधन विभागों से कहा गया कि वे अपने बांधों से पानी छोड़ने की नौबत आने पर पहले से संबंधित क्षेत्रों में एलान जरूर कराएं। इसमें कोताही नहीं बरती जाए। जल संसाधन विभाग से अपने सभी बांधों की मजबूती जांचने को कहा गया।
पीएचई, स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। गृह विभाग से बाढ़ की आशंका की स्थिति में होमगार्ड और पुलिस जवानों को तैयार रखने और उनके पूर्व प्रशिक्षण की व्यवस्था करने को कहा गया। इसके अलावा वोट इत्यादि के इंतजाम को पुख्ता बनाने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर सेना के हैलिकॉप्टर तथा अन्य मदद के लिए पहले से ही समन्वय कायम कर लेने के निर्देश भी अपर मुख्य सचिव ने दिए। बैठक में प्रमुख सचिव देवराज बिरदी, आरके स्वाई, मनोज गोयल, संभागायुक्त पुखराज मारू, एडीजीपी सुरेंद्र सिंह, सेना, मौसम और दूरदर्शन, आकाशवाणी के अधिकारी मौजूद थे।