भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता को बेहतर परिवहन सेवा देने के लिए उदार परिवहन नीति की वकालत की है। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन निगम के बंद होने के बाद निजी क्षेत्र की वाहनों के संचालन के अधिकार मिलें लेकिन आम जनता की सुविधा सवरेपरि रहना चाहिए।
राज्य मंत्रालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को परिवहन नीति से संबंधित मुद्दों पर मंत्रिपरिषद समिति द्वारा चर्चा की गई। श्री चौहान ने परिवहन नीति का प्रारूप जून माह तक तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक विभिन्न योजनाओं में सड़कों का निर्माण होने के बाद अब नए परिवहन साधनों का विस्तार होना चाहिए। उन्होंने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों में अधिक सवारियां भरने और अन्य कारणों से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई।
जल परिवहन की संभावनाओं पर विचार करें: मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के खजुराहो, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों तक हवाई परिवहन साधनों के विकास के अलावा नर्मदा और अन्य नदियों में जल परिवहन की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। बैठक में यात्री किराए, वाहनों के मार्ग और सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा हुई।
इंदौर में प्रस्तावित चालक प्रशिक्षण संस्थान और वाहनों की फिटनेस के साथ ही नगरों में बस स्टैंड प्रबंधन पर भी बैठक में बातचीत की गई। बैठक में परिवहन, जेल और गृह मंत्री जगदीश देवड़ा, वित्त मंत्री राघवजी, स्वास्थ्य मंत्री अनूप मिश्रा, आदिम जाति कल्याण मंत्री जगन्नाथ सिंह आदि मौजूद थे। और वन राज्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, मुख्य सचिव राकेश साहनी, प्रमुख सचिव परिवहन राजन एस कटोच, परिवहन आयुक्त एनके त्रिपाठी और मुख्यमंत्री के सचिव एसके मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।