भोपाल. छठवें वेतनमान की मांग को लेकर मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी 22 जून से बेमियादी हड़ताल पर जा रहे हैं। इससे पहले 17 से 19 जून तक कर्मचारी गेट मीटिंग और नारेबाजी करेंगे। इसके लिए बोर्ड के कर्मचारी संघ ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा बनाया है। मोर्चा के अध्यक्ष पीके घोष ने बोर्ड को 15 जून तक मांगें पूरी करने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि 22 जून से काम बंद कर दिया जाएगा। इसमें राज्य निगम मंडल कर्मचारी महासंघ और लघुवेतन कर्मचारी संघ का समर्थन रहेगा।
अधीक्षण यंत्री का करेंगे घेराव: एरियर्स राशि का भुगतान न होने से खफा लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी 28 मई को अधीक्षण यंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लोनिवि भोपाल मंडल का घेराव करेंगे। मप्र शासकीय गैंगमैन श्रमिक संघ अध्यक्ष विजय सिंह नेगी ने बताया कि गैंगमैन श्रमिकों को प्रतिमाह विशेष भत्ता देने के आदेश विभाग के सचिव जारी कर चुके हैं, वहीं एरियर्स का भुगतान भी किया जाना है।
दूर की जाएगी वेतन विसंगति
बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का रुख सकारात्मक हो गया है। वेतनमान में व्याप्त विसंगति सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को बिजली कर्मचारी मुख्यमंत्री से मिले। बिजली कर्मचारी महासंघ के महामंत्री हेमंत तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री से प्रत्येक मांग पर चर्चा हुई है और आश्वासन मिला है।
वेतनमान देने का स्वागत
मप्र कर्मचारी मंच और मप्र कर्मचारी कांग्रेस ने कार्यभारित कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ देने का स्वागत किया है। मंच के अध्यक्ष अशोक पाण्डेय और संगठन के उपाध्यक्ष सुरेश गहरवार ने बताया कि शासन स्तर से जारी पहले आदेश में कार्यभारित कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया था। बाद में शासन ने संशोधित आदेश निकाल दिया है।
अटैचमेंट खत्म करें
विकास आयुक्त विभागीय कर्मचारी समिति ने मंत्रालय में अटैच विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को मूल विभाग में वापस भेजने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष शरद अवस्थी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपा है।