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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. बोर्ड एग्जाम में खराब रिजल्ट देने वाले अध्यापकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करने का फैसला किया है। खासतौर पर पिछले तीन साल से लगातार खराब रिजल्ट दे रहे टीचर्स पर गाज गिर सकती है।
होम व एजूकेशन सेक्रेटरी राम निवास ने मंगलवार को डीपीआई (स्कूल) सम्वर्तक सिंह को खराब रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों के अध्यापकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
इन टीचर्स के कामकाज को चैक करने के लिए एक परफॉर्मा तैयार किया गया है। इसमें उनकी ज्वाइनिंग से लेकर अब तक के करियर, रिजल्ट आदि की जांच होगी। इसके लिए डीपीआई को प्रिंसिपलों की मीटिंग बुलाने को कहा गया है। गवर्नमेंट स्कूलों का रिजल्ट खराब रहने के कारणों की समीक्षा की जाएगी और इनकी जांच के बाद समस्याओं को दूर करने के प्रयास होंगे।
होम सेक्रेटरी राम निवास के मुताबिक खराब रिजल्ट देने वाले टीचर्स पर कार्रवाई के साथ-साथ बढ़िया रिजल्ट देने वाले प्रिंसिपल, टीचर्स को अगले माह सम्मानित भी किया जाएगा।
बोर्ड एग्जाम में अच्छे मार्क्स लेने वाले स्टूडेंट्स को भी पुरस्कृत किया जाएगा। टीचर्स को पुरस्कार के अलावा अतिरिक्त इंक्रीमेंट, पसंदीदा स्कूल में पोस्टिंग दी जाएगी।
536 टीचर्स होंगे भर्ती
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में टीचर्स की कमी को दूर करने के लिए 536 नए टीचर्स भर्ती करने का फैसला किया है। टीचर्स की यह भर्ती पंजाब यूनिवर्सिटी के सहयोग से होगी। यूनिवर्सिटी की तरफ से टीचर्स की भर्ती के लिए एग्जाम लिया जाएगा।
इसके लिए अब तक विभाग को करीब 19 हजार फार्म मिल चुके हैं। अध्यापकों के इन पदों को भरने के बाद रिक्त हो रहे टीचर्स के 400 शेष पदों को भी भरा जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ठेके पर रखे 225 अध्यापकों को हटाया नहीं जाएगा। इन टीचर्स को नई होने वाली भर्ती में पांच साल उम्र की रिलेक्सेशन दी जाएगी।