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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. .303 राइफल प्रतिबंधित हथियार की श्रेणी में नहीं है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय न्यायाधीशों की पीठ ने इस संबंध में एक फैसले में कहा कि केंद्र सरकार ने हथियार पर प्रतिबंध को नोटिफाई नहीं किया है। ऐसे में .303 को प्रतिबंधित हथियार नहीं माना जा सकता।
सहयोगी को .303 राइफल से मार डालने पर पंजाब पुलिस के स्पेशल पुलिस अफसर (एसपीओ) स्वर्ण सिंह और बलविंदर सिंह को हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
स्वर्ण को .303 प्रतिबंधित हथियार से हत्या करने पर आर्म्स एक्ट के तहत मौत की सजा सुनाई गई थी। स्वर्ण की याचिका के विचाराधीन रहते खंडपीठ ने .303 को प्रतिबंधित हथियार के सवाल पर तीन सदस्यीय पीठ को सुनवाई रेफर कर दी थी।