एक संत को जेल दूजा अस्पताल में
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एक संत को जेल दूजा अस्पताल में

santभोपाल. छोला धर्मकांटा स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पास से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे साधु-संतों और हनुमानगंज थाना प्रभारी के बीच जमकर झड़प हुई। नौबत यहां तक जा पहुंची कि अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक नागा संत ने थाना प्रभारी को मारने पत्थर उठा लिया। बचने के लिए थाना प्रभारी को भागना पड़ा। बाद में उक्त संत को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

घटना मंगलवार दोपहर की है। थाना प्रभारी एनके पटेरिया संतों को समझाइश देने गए थे। बातचीत चल ही रही थी कि एक संत प्रेम गिरि ने आरोप लगाया कि पुलिस शराब वालों से मिली हुई है। थाना प्रभारी ने जब इस बात को गलत बताया तो महंत भड़क उठे और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। थाना प्रभारी ने भी उन्हें फटकार लगाई। विवाद बढ़ने पर महंत प्रेम गिरि ने उन्हें मारने पत्थर उठा लिया और उनके पीछे दौड़े।

बचने के लिए थाना प्रभारी को भी भागना पड़ा। बाद में वहां पुलिस बल पहुंच गया। संतों को जब थाने चलने के लिए पुलिस वाहन में बिठाया जाने लगा तो उन्होंने जमकर विरोध किया पर पुलिस उन्हें थाने ले गई। थाने में जब सभी संतों के खिलाफ गिरफ्तारी की जाने लगी तो उन्होंने वहां भी हंगामा कर दिया। बाद में केवल संत श्री गिरि के खिलाफ ही प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की गई।

बाकी संतों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। महंत श्री गिरि को अदालत ले जाया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। देर रात पुलिस मंदिर पहुंची और आमरण अनशन कर रहे संत पवन गिरि को उठाकर हमीदिया अस्पताल ले जाकर भर्ती करा दिया। पुलिस का कहना है कि महंत गिरि के पैरों में सूजन आने व तबियत बिगड़ने पर उन्हें भर्ती कराना पड़ा, जबकि महंत ने कहा कि पुलिस उन्हें जबरन अस्पताल लाई है। शिव सेना व राष्ट्रीय जागरण मंडल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। शिव सेना के शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वे बुधवार को सरकार की सद्बुद्धि के लिए उक्त मंदिर में यज्ञ करेंगे।

संतों में मतभेद

शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर चल रहे संतों के आंदोलन में फूट पड़ती दिख रही है। बताते हैं कि षटदर्शन साधु मंडल के महंत रवींद्रदास महाराज इस आंदोलन से स्वयं को अलग कर लिया है। मंडल की एक विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने संतों के एक प्रतिनिधि मंडल को ज्ञापन सौंप कर कहा है कि धर्मकांटा स्थित मंदिर के पास जो शराब की दुकान है, वहां से केवल शराब बेची जाती है, वहां शराब का अहाता नहीं है। उन्होंने राय सज्रकार से मांग की है कि भविष्य म ेंध्यान ्रका जाए कि मंदिरों के पास शराब दुकानें नहीं खोली जाएं।

दंडी स्वामी ने की निंदा

अभा संत समिति के अध्यक्ष दंडी स्वामी मोहनानंद सरस्वती ने संतों के विरूद्ध पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राज्य सरकार के इशारे पर संतों के आंदोलन को दबाना चाहती है।



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