भोपाल. अखिल भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी हरेश चंद्र तिवारी को भोपाल की विशेष अदालत ने रिश्वत के मामले में चार साल की सजा और चार हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। उन्हें साढ़े दस साल पहले रेंजर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। श्री तिवारी छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद उस राज्य के कैडर में शामिल हो गए हैं और अभी वन संरक्षक हैं।
आईएफएस अधिकारी श्री तिवारी जब भोपाल में राजधानी परियोजना में वन मंडलाधिकारी थे तब एक रेंजर आरएस गुप्ता से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी संबंधित को नहीं देने के बदले में 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। उस समय सूचना के अधिकार के तहत आवेदक को जानकारी देना आवश्यक नहीं था। इस कारण श्री तिवारी ने रेंजर से रिश्वत मांगी थी और उन्होंने 15 हजार रुपए ले भी लिए थे।