भोपाल. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का एक इंजीनियर एक कथित दलाल के साथ पीएचई और सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन के बंगले पर पांच लाख रुपए लेकर पहुंच गया। पहले उसने मंत्री के पीए को रुपए से भरी अटैची दिखाई और जब मंत्री आ गए तो दलाल ने उन्हें पूरी व्यवस्था के साथ आने का कहते हुए इंजीनियर की सिफारिश की।
भीड़-भाड़ के बीच मंत्री ने नाराजगी भरे स्वर में उसे डपटना शुरू किया तो इंजीनियर उलटे पैर भाग गया। बाद में मंत्री ने पुलिस को बुलाकर मामले की शिकायत की लेकिन इसके पहले ही इंजीनियर और दलाल दोनों वहां से भाग चुके थे। देर रात दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार भिंड में कार्यपालन यंत्री आरएन करैया, पवन व्यास के साथ मंगलवार की रात नौ बजे 74 बंगला स्थित श्री बिसेन के बंगले पहुंचा था। उस समय मंत्री बंगले में नहीं थे। उसने मंत्री के पीए वनराज को एक अटैची दिखाई जिसमें पांच लाख रुपए होने की बात कही। पवन व्यास ने कहा कि मंत्रीजी के लिए यह राशि है। श्री करैया के खिलाफ कार्रवाई को रोकने के लिए यह इंतजाम करके भिंड से आए हैं।
सूत्र बताते हैं कि श्री बिसेन के रात साढ़े नौ बजे बंगले पहुंचने पर पवन व्यास ने मंत्री को कहा ‘पूरे इंतजाम से आए हैं। पांच लाख रुपए हैं। करैया की मदद कर दो।’ उस समय मंत्री के बंगले पर कई लोग मौजूद थे। इसको लेकर मंत्री और श्री व्यास के बीच कहा-सुनी हुई। बहस होते देखकर इंजीनियर श्री करैया दबे पांव मंत्री के बंगले से चले गए। उधर मंत्री ने श्री व्यास को डांट-डपट कर बंगले से भगा दिया।
मंत्री ने पुलिस को बुलाया
बताया जाता है कि जब इंजीनियर और पवन व्यास दोनों चले गए तो मंत्री ने टीटीनगर पुलिस को अपने बंगले बुलाया। टीआई उमेश तिवारी वहां पहुंचे तो उन्हें मंत्री और उनके पीए श्री वनराज ने पूरा घटनाक्रम सुनाया। सूत्रों का कहना है कि भोपाल में हुई घटना के बाद भिंड पुलिस ने श्री व्यास की वहां तलाश शुरू कर दी है।
और भी कई चर्चा
सूत्र बताते हैं कि भिंड के कार्यपालन यंत्री श्री करैया की ग्वालियर की स्थानीय राजनीति में अच्छी पकड़ है। मगर उनके जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव सिंह कुशवाहा से अच्छे संबंध नहीं थे। समीक्षा बैठक में श्री करैया के खिलाफ पहले जांच बैठाने की बात हुई थी मगर मंत्री ने निलंबन के निर्देश दे दिए।
कौन है पवन व्यास
भिंड जिले के मेहगांव के पास स्थित ग्राम घमूरी का रहने वाला है। भाजपा का कार्यकर्ता है। राज्य सरकार के एक अन्य मंत्री से अच्छे संबंध हैं। हाल ही में भाजपा में लौटे एक वरिष्ठ नेता से भी निकटता है। राजनीति में सक्रिय होने के अलावा वे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में ठेकेदारी भी करते हैं।