अजमेर. अजमेर पुलिस ने जोधपुर के भदवासिया तिलक नगर स्थित खींची अस्पताल में बच्चे की खरीद-फरोख्त के मामले में आरोपी डॉक्टर सुशीला खींची और स्टाफ को अजमेर तलब किया है। मामले की जांच रिपोर्ट जोधपुर एसपी को भेजी जाएगी। आईपीएस राहुल प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात, बच्चे की खरीद-फरोख्त और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की पुष्टि हुई है।
मामले के अनुसार आठ माह पहले जेएलएन अस्पताल के बाल रोग विभाग से अपह्रत एक बच्चे के पिता फायसागर रोड निवासी प्रकाश ने पुलिस को सूचित किया था कि ब्यावर में एक महिला गर्भवती हुए बिना ही मां बन गई है। प्रकाश की सूचना पर पुलिस द्वारा महिला व उसके परिजनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने जोधपुर के खींची अस्पताल में प्रसव होना बताते हुए अस्पताल से जारी किया गया बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र भी पेश किया।
पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ की तो महिला ने नौ हजार रुपए में बच्च खरीदना कबूल किया। महिला ने पुलिस को बताया कि खींची अस्पताल में उसका एक परिचित कार्यरत है और उसी के माध्यम से बच्चे की खरीद की गई है। उधर जोधपुर पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को निगरानी में ले लिया है।
पुलिस व चिकित्सा विभाग बेपरवाह
जोधपुर में खींची अस्पताल में बच्च बेचने, अवैध तौर पर गर्भपात और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का खुलासा होने के बावजूद मंगलवार को स्थानीय पुलिस और चिकित्सा विभाग के अफसरों ने कार्रवाई नहीं की। उधर ‘भास्कर’ की ओर से मामले की तरफ ध्यान दिलाए जाने पर सीएमएचओ डा. जीएल चौधरी ने विभागीय स्तर पर जांच कराने की जानकारी दी है।