अजमेर. जवाहरलाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन के तहत शहर के बरसाती नालों (स्ट्राम वाटर ड्रेनेज) को पक्का करवाना प्रस्तावित है। 70 करोड़ के प्रस्तावित इन कामों को पूरा करने के लिए सरकार को एजेन्सी की तलाश है, जबकि नगर निगम ने इसकी जिम्मेदारी लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में नेहरू मिशन के तहत शहर में सीवरेज लाइन के नए प्रस्तावित कामों की तरह ही बरसाती नालों को पक्का करवाने को लेकर पसोपेश की स्थिति बनी हुई है। मिशन के तहत शहर व आस-पास के क्षेत्रों में मौजूद कोई एक दर्जन नालों को पक्का कराने के प्रस्ताव हैं। इसके लिए कंसल्टैंट संस्था पीडीकोर द्वारा डीपीआर लगभग तैयार कर ली गई है। कराए जाने वाले कामों की फेहरिश्त जब तैयार हो गई है तब सरकार के स्तर पर आरयूआईडीपी के संभाग स्तर पर स्थापित दफ्तर बंद करने के निर्णय से इन कामों को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में शहर के बरसाती नालों से संबंधित काम आरयूआईडीपी द्वारा कराए गए थे। निगम के पास संसाधन ही नहीं : राज्य में नेहरू मिशन के कामों की मॉनीटरिंग कर रही संस्था रूडिफको द्वारा आरयूआईडीपी के विकल्प के बतौर स्ट्राम वाटर ड्रेनेज के प्रस्तावित लगभग 70 करोड़ के कामों पूरा करने के लिए नगर निगम से कहा गया था।
निगम के अफसरों ने तकनीकी संसाधनों की कमी की मजबूरी बताते हुए इन कामों को करने में असमर्थता जता दी है। अब रूडिफको को फिर से एजेंसी तय करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रस्तावित किया गया है। प्रमुख शासन सचिव व रूडिफको के कार्यकारी निदेशक आनंद मोहन के स्तर पर इस संबंध में फैसला होना बाकी है।
नगर निगम को रूडिफको द्वारा स्ट्राम वाटर ड्रेनेज के काम कराने को कहा गया था। निगम के पास इतनी बड़ी राशि के काम कराने के लिए तकनीकी संसाधन मौजूद नहीं है। लिहाजा काम करने से इनकार कर दिया गया है। अब तक नई एजेंसी तय नहीं हो सकी है। रूडिफको द्वारा जिसे एजेंसी तय किया जाएगा, उसी से काम कराए जाएंगे।’ - राज नारायण शर्मा, सीइओ, नगर निगम
‘नेहरू मिशन से संबंधित किसी काम की जिम्मेदारी आरयूआइडीपी को नहीं दी गई है। आरयूआईडीपी का स्थानीय दफ्तर 30 जून को बंद होना है। पूर्व में काजी का नाला तथा बांडी नदी के बैड को पक्का करने के काम संस्था द्वारा ही किया गया था।’ - एस.के. शर्मा, एसई, आरयूआईडीपी, कैम्प अजमेर